समस्तीपुर जिले के मोहिउद्दीननगर में मौसम का एक दुर्लभ और हैरान करने वाला नजारा देखने को मिला। तेज हवा और बारिश के बीच पानी की सतह से आसमान की ओर उठता हुआ घूमता स्तंभ दिखाई दिया। कुछ ही देर में यह दृश्य लोगों के बीच कौतूहल का विषय बन गया। स्थानीय लोगों ने इसका वीडियो अपने मोबाइल कैमरे में कैद कर लिया। अब यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है।
खास बात यह है कि इस घटना को अब केवल सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के तौर पर नहीं देखा जा रहा है। मौसम विभाग, पटना (IMD Patna) ने 27 सितंबर को अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से वीडियो साझा करते हुए बताया कि समस्तीपुर जिले के मोहिउद्दीननगर प्रखंड में वाटर स्पाउट देखा गया।
पानी से आसमान तक उठता दिखा घूमता स्तंभ
वायरल वीडियो में जमीन या जलभराव वाले क्षेत्र के ऊपर पानी और नमी से बना एक संकरा, घूमता हुआ स्तंभ दिखाई देता है, जो ऊपर आसमान की ओर बढ़ता नजर आता है। दूर से देखने पर यह आकृति किसी विशाल कीप या हाथी की सूंड जैसी दिखाई देती है।
स्थानीय लोगों के लिए यह दृश्य इसलिए भी असामान्य था, क्योंकि कुछ क्षणों के लिए पानी और आसमान के बीच एक घूमती हुई आकृति साफ नजर आ रही थी। वीडियो में आसपास के लोग इस नजारे को देखकर हैरानी जताते सुनाई देते हैं। इसी दौरान तेज हवा के झोंकों का असर भी दिखाई दिया। आसपास के घरों की एस्बेस्टस/करकट की चादरें हवा में उड़ती नजर आईं। इससे उस समय हवा की तीव्रता का अंदाजा लगाया जा सकता है। स्थानीय लोगों ने इस पूरे दृश्य को मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया।
क्या होता है जल बवंडर?
मौसम विज्ञान में जल बवंडर पानी की सतह के ऊपर बनने वाला घूमती हवा का स्तंभ होता है। इसमें हवा तेजी से घूमती है और जल की सतह से उठने वाले छींटे, फुहार तथा वातावरण में मौजूद नमी इस स्तंभ को स्पष्ट रूप देते हैं। वीडियो देखकर ऐसा लग सकता है कि पानी की पूरी धार जमीन से सीधे बादलों तक खिंच रही है। हालांकि, विशेषज्ञों के अनुसार दिखाई देने वाला स्तंभ केवल नीचे से खिंचे पानी का नहीं होता। संघनित जल बूंदों और हवा में मौजूद नमी भी इसे दिखाई देने वाली आकृति प्रदान करती है।
दो तरह के होते हैं जल बवंडर
मौसम विज्ञान में जल बवंडर (Waterspout) को मुख्य रूप से दो श्रेणियों में देखा जाता है।
फेयर वेदर वाटर स्पाउट: यह अपेक्षाकृत कमजोर परिस्थितियों में बन सकता है और अक्सर कम समय तक रहता है। वहीं, टोर्नाडिक वाटर स्पाउट का संबंध शक्तिशाली गरज-चमक वाले तूफानी सिस्टम से हो सकता है और इसकी हवा अधिक खतरनाक हो सकती है। यह जरूरी नहीं कि वाटर स्पाउट केवल समुद्र के ऊपर ही बने। बड़े जलाशयों, झीलों और कुछ परिस्थितियों में नदियों या जलभराव वाले क्षेत्रों के ऊपर भी ऐसी घटना दिखाई दे सकती है।
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बारिश और तेज हवा के बीच बना दुर्लभ नजारा
पिछले चार दिनों से समस्तीपुर और आसपास के इलाकों में मौसम खराब रहा। भारत मौसम विज्ञान विभाग के समस्तीपुर केंद्र के अनुसार, उस दिन आसमान में बादल छाए रहने तथा मध्यम बारिश या गरज के साथ बारिश की संभावना थी। इसी मौसम के बीच मोहिउद्दीननगर में Waterspout का बनना इलाके के लोगों के लिए असामान्य अनुभव रहा।घटना का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। हालांकि, अब आईएमडी की ओर से इसे वाटर स्पाउट के रूप में दर्ज किए जाने से घटना को लेकर स्थिति काफी स्पष्ट हो गई है।
वीडियो बना चर्चा का विषय
वीडियो में कुछ स्थानों पर तेज हवा के कारण हल्की वस्तुओं और छत की चादरों के उड़ने का दृश्य भी दिखाई देता है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, अचानक बने इस नजारे को देखकर वे कुछ देर के लिए सहम गए। मौसम से जुड़ी ऐसी घटना के दौरान जलस्रोत या खुले क्षेत्र के बेहद करीब जाना जोखिमपूर्ण हो सकता है। तेज हवा, बिजली और अचानक बदलती मौसम परिस्थितियों को देखते हुए सुरक्षित दूरी बनाए रखना जरूरी है।