समस्तीपुर जिले के मोहिउद्दीन नगर में आयोजित एक सभा में सीपीआईएम विधायक अजय कुमार का भ्रष्टाचार के खिलाफ सीधा एक्शन लेने का बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने जनता से सरकारी अधिकारियों पर सख्ती बरतने का आह्वान किया। विधायक के इस बयान पर सियासी बवाल तेज हो गया है।
विधायक ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई की दी सलाह
विभूतिपुर से विधायक अजय कुमार ने कहा कि झंडे में मोटा-मोटा डंडा रखें। जब सरकारी कार्यालय में काम के लिए जाएं और अधिकारी घूस मांगे तो उसी डंडे से पिटाई कर दें। उन्होंने यहां तक कहा कि अगर केस होगा तो कहिए कि विधायक ने कहा था। फिर मेरा भी नाम जोड़ दिया जाएगा, मैं बेल कराऊंगा और आप लोगों की भी बेल हो जाएगी। विधायक का यह बयान अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। हालांकि वायरल वीडियो में केवल पिटाई की बात स्पष्ट रूप से सुनाई दे रही है।
सरकारी अधिकारियों पर लगाए गंभीर आरोप
सभा के दौरान विधायक अजय कुमार ने कहा कि बिहार सरकार भ्रष्टाचार मुक्त शासन का दावा करती है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। उन्होंने कहा कि वे लगातार विधानसभा में यह मुद्दा उठाते रहे हैं कि अधिकारियों द्वारा छोटे-छोटे कार्यों के लिए भी घूस मांगी जाती है। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) का उदाहरण देते हुए कहा कि इस योजना के तहत नाम जोड़ने के लिए 2,000 से 5,000 रुपये तक घूस मांगी जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जो जरूरतमंद और गरीब लोग हैं, उनके पास पैसे नहीं होने के कारण उनका नाम नहीं जोड़ा जा रहा। लेकिन जो रिश्वत दे रहे हैं, उन्हें योजना का लाभ मिल रहा है।
‘कमर से नीचे पिटाई करें’
विधायक ने कम्युनिस्ट विचारधारा से जुड़े लोगों से अपील की कि वे अपने झंडे में मोटा डंडा लगाकर सरकारी कार्यालयों में जाएं। अगर कोई सरकारी कर्मचारी पैसे मांगे तो झंडे से डंडा निकालकर उसकी कमर से नीचे पिटाई करें।
बयान पर बढ़ी सियासी हलचल
विधायक के इस बयान से राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। जहां कुछ लोग इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ बोल्ड स्टैंड मान रहे हैं। वहीं, कुछ इसे अराजकता फैलाने वाला बयान कहकर आलोचना कर रहे हैं।
विधायक अजय कुमार का यह बयान लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ उकसाने वाला माना जा सकता है। हालांकि उनका कहना है कि सरकार अगर भ्रष्ट अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं करती, तो जनता को खुद न्याय लेना होगा।