किसानों को नहीं मिल रहा गैलन में तेल खेती करने सही करने कामों पर हो रही परेशानी
समस्तीपुर जिले में इन दिनों पेट्रोल-डीजल की किल्लत से किसानों और छोटे उद्योगों के सामने नई परेशानी खड़ी हो गई है। प्रखंड के अधिकांश पेट्रोल पंपों पर गैलन में पेट्रोल-डीजल नहीं दिए जाने के कारण खासकर छोटे किसान और खेतिहर मजदूर प्रभावित हो रहे हैं। तैयारी, जुताई और अन्य कृषि कार्यों में बाधा उत्पन्न हो रही है।
छोटे उद्योगों पर पड़ रहा युद्ध का असर
ग्रामीणों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खाड़ी क्षेत्र में चल रहे युद्ध का असर अब स्थानीय बाजारों पर भी दिखने लगा है। साथ ही पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति में अनिश्चितता बनी हुई है, जिससे कीमतों में भी उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। इसका सीधा असर ग्रामीण अर्थव्यवस्था और छोटे उद्योगों पर पड़ रहा है।
ट्रैक्टर से खेत की जुताई करना मुश्किल
बरहेता गांव के किसान शशिधर देव, कल्याणपुर के किशोर कुमार और खरसंड पश्चिमी के विद्यानंद राय सहित अन्य लोगों ने बताया कि पेट्रोल पंप संचालकों द्वारा गैलन में डीजल-पेट्रोल नहीं देने से ट्रैक्टर से खेत की जुताई करना मुश्किल हो गया है। इससे समय पर गेहूं की फसल की तैयारी प्रभावित हो रही है।
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प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में होने की बात कही
वहीं, स्थानीय प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में होने की बात कही है। इस संबंध में बीडीओ देवेंद्र कुमार ने बताया कि प्रखंड के सभी एलपीजी वितरकों के साथ बैठक की गई है। गैस एजेंसी संचालकों के अनुसार, पांच दिन पहले बुकिंग करने वाले उपभोक्ताओं को गैस उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल पंप संचालकों को भी निर्देशित किया गया है और वरीय अधिकारियों के निर्देश पर जल्द ही समीक्षा बैठक कर समस्या का समाधान किया जाएगा।