समस्तीपुर, दरभंगा और मधुबनी जिलों के बड़े पुलिस क्षेत्रों को पुनर्गठित कर अनुमंडल स्तर पर निगरानी और पुलिस व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने की योजना है। मिथिला पुलिस क्षेत्र में पुलिसिंग को और प्रभावी बनाने के लिए पांच नए पुलिस अनुमंडल गठित करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य अपराध नियंत्रण, कांडों के त्वरित अनुसंधान, गश्ती व्यवस्था को मजबूत करने और पुलिस अधिकारियों की नियमित निगरानी को आसान बनाना है।
प्रस्ताव तैयार करने में संबंधित क्षेत्र की आबादी, भौगोलिक क्षेत्रफल, थानों की संख्या, सड़क कनेक्टिविटी, पंचायतों और गांवों की संख्या के साथ वर्ष 2021 से 2025 तक के अपराध आंकड़ों को आधार बनाए जाने की बात सामने आई है। बताते हैं कि क्षेत्र छोटा होने से अनुमंडल स्तर के पुलिस अधिकारियों के लिए थानों की मॉनिटरिंग, गश्ती और गंभीर मामलों की समीक्षा करना अपेक्षाकृत आसान होगा।
समस्तीपुर में रोसड़ा को दो हिस्सों में बांटने की तैयारी
समस्तीपुर जिले में प्रस्तावित पुनर्गठन के तहत रोसड़ा पुलिस अनुमंडल को दो हिस्सों में बांटने की योजना है। रोसड़ा-1 में रोसड़ा, विभूतिपुर, शिवाजीनगर और हथौड़ी थानों को शामिल करने का प्रस्ताव है। वहीं, रोसड़ा-2 का मुख्यालय हसनपुर रखने की योजना बताई गई है। इसमें हसनपुर, सिंघिया, बिथान और लरझाघाट थानों को शामिल किया गया है। समस्तीपुर में पुलिस अंचलों के पुनर्गठन का प्रस्ताव पहले ही मुख्यालय भेजा जा चुका है। प्रस्तावित व्यवस्था में पुलिस अंचलों की संख्या बढ़ाने के साथ रोसड़ा के बड़े क्षेत्र को विभाजित कर एक नया पुलिस अनुमंडल बनाने की योजना है। जिले के सुदूरवर्ती इलाके रोसड़ा अनुमंडल की आबादी और क्षेत्रफल के विस्तार के साथ पुलिस प्रशासन पर बढ़ते कार्यभार को देखते हुए यह पुनर्गठन प्रस्तावित किया गया है।
दरभंगा में सदर-3 का प्रस्ताव
दरभंगा जिले में सदर-3 पुलिस अनुमंडल बनाने का प्रस्ताव है। इसके दायरे में नौ थानों को शामिल करने की योजना है। इनमें हायाघाट, अशोक पेपर मिल, विशनपुर, मोरो, भालपट्टी, बहादुरपुर, फेकला, पतोर और सोनकी थाना शामिल हैं। इस प्रस्तावित क्षेत्र की कनेक्टिविटी एनएच-27, एनएच-527 सी और एसएच-50 जैसे प्रमुख मार्गों से है। जिला मुख्यालय लहेरियासराय से अपेक्षाकृत बेहतर कनेक्टिविटी होने के कारण पुलिस अधिकारियों की आवाजाही और निगरानी को भी इससे सुविधा मिलने की उम्मीद है। मौजूदा व्यवस्था में दरभंगा में सदर-1 और सदर-2 एसडीपीओ स्तर की व्यवस्था पहले से है।
मधुबनी में तीन नए पुलिस अनुमंडल प्रस्तावित
मधुबनी जिले में तीन नए पुलिस अनुमंडल बनाए जाने का प्रस्ताव है। बेनीपट्टी-2 के तहत हरलाखी, खिरहर, मधवापुर और साहरघाट थानों को शामिल करने की योजना है। झंझारपुर-1 में झंझारपुर, भैरवस्थान, अररिया-संग्राम, संग्राम, रुद्रपुर और अंधराठाढ़ी थानों को शामिल करने का प्रस्ताव है। वहीं, फुलपरास-1 में फुलपरास, घोघरडीहा, नरहिया और खुटौना थानों को शामिल करने की योजना बताई गई है। मधुबनी में पुलिस प्रशासन के कार्य क्षेत्र के पुनर्गठन की प्रक्रिया पहले से चल रही है। जिले में नए पुलिस अंचलों के गठन का प्रारंभिक प्रस्ताव भी तैयार किया गया था, जिसमें मधवापुर, अंधराठाढ़ी, घोघरडीहा और खुटौना समेत कई क्षेत्रों को नए पुलिस अंचल के रूप में विकसित करने की योजना है।
ये भी पढ़ें-
मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग: पटना में जन आक्रोश मार्च के दौरान हंगामा; पुलिस से धक्कामुक्की
पुलिसिंग का दायरा छोटा करने पर जोर
नए पुलिस अनुमंडलों के गठन के पीछे मुख्य सोच बड़े पुलिस क्षेत्रों को छोटे और प्रबंधनीय हिस्सों में बांटना है। इससे अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी थानों की नियमित समीक्षा और निगरानी बेहतर तरीके से कर सकेंगे। इसके अलावा गंभीर आपराधिक घटनाओं पर पुलिस की प्रतिक्रिया तेज करने, लंबित कांडों के अनुसंधान की निगरानी, गश्ती व्यवस्था को प्रभावी बनाने और कानून-व्यवस्था की स्थिति पर लगातार नजर रखने में मदद मिलने की उम्मीद है।
आम लोगों को क्या फायदा होगा?
- त्वरित पुलिस रिस्पॉन्स: क्षेत्र छोटा होने से किसी घटना की सूचना मिलने पर पुलिस टीम के पहुंचने और कार्रवाई शुरू करने में सुविधा हो सकती है।
- अनुसंधान की बेहतर निगरानी: अनुमंडल स्तर पर कम थानों का क्षेत्र होने से लंबित और गंभीर कांडों की नियमित समीक्षा आसान होगी।
- गश्ती में सुधार: छोटे क्षेत्र में पुलिस अधिकारियों की निगरानी बढ़ने से नियमित गश्ती व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।
- पुलिस-जनता संवाद: अनुमंडल स्तर के अधिकारियों की क्षेत्र में नियमित मौजूदगी से आम लोगों की शिकायतों और स्थानीय समस्याओं की सुनवाई बेहतर तरीके से हो सकती है।
प्रस्ताव की स्वीकृति के बाद आगे बढ़ेगा काम
फिलहाल पांच नए पुलिस अनुमंडलों का गठन प्रस्तावित है। अंतिम स्वीकृति और इसके बाद प्रशासनिक ढांचे, मुख्यालय तथा अधिकारियों की तैनाती से संबंधित निर्णय सक्षम स्तर से लिए जाएंगे। मिथिला क्षेत्र में पुलिस व्यवस्था के पुनर्गठन की यह पहल ऐसे समय में सामने आई है, जब बिहार पुलिस में भी प्रशासनिक स्तर पर व्यापक बदलाव किए गए हैं। ऐसे में प्रस्तावित पांच नए पुलिस अनुमंडलों को मिथिला क्षेत्र में पुलिसिंग को स्थानीय स्तर पर अधिक केंद्रित करने की दिशा में एक और प्रशासनिक कदम के तौर पर देखा जा रहा है।