मधुबनी के कलुआही थाना क्षेत्र में 13 वर्षीय नाबालिग लड़की से दुष्कर्म और उसकी हत्या के मामले में अदालत ने नाबालिग आरोपी को दोषी ठहराया है। एडीजे एससी/एसटी सह चिल्ड्रन कोर्ट के स्पेशल जज सैयद मोहम्मद फजलुल बड़ी ने दोषी को उम्रकैद और ₹25,000 जुर्माने की सजा सुनाई है। कोर्ट ने सरकार को पीड़िता के परिजनों को आठ लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि प्रदान करने का भी निर्देश दिया है।
घटना का विवरण
जानकारी के मुताबिक, यह दिल दहला देने वाली घटना 17 अगस्त 2020 को मधुबनी जिले के कलुआही थाना क्षेत्र के एक गांव में हुई थी। मृतका के पिता के अनुसार, उनकी 13 वर्षीय बेटी रात 9:30 बजे शौच के लिए घर से बाहर गई थी और वापस नहीं लौटी। रात भर खोजबीन के बाद, अगली सुबह लड़की का शव पड़ोस के एक घर में पाया गया। मृतका के पिता ने कलुआही थाना में कांड संख्या 116/20 के तहत मामला दर्ज कराया। इस मामले में एक महिला सहित कई लोगों को नामजद किया गया। उसके बाद पुलिस ने जांच करते हुए कुछ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
न्यायिक कार्रवाई और सजा
इस मामले में एक नाबालिग आरोपी को भारतीय दंड संहिता की धारा 376 एडी, 302, 120बी और पॉक्सो एक्ट के तहत दोषी पाया गया। कोर्ट ने उसे उम्रकैद की सजा सुनाई और ₹25,000 जुर्माना लगाया। इससे पहले इस मामले में अन्य दो आरोपियों को पॉक्सो कोर्ट से सजा सुनाई जा चुकी है। वहीं, अन्य आरोपियों के खिलाफ जांच जारी है।
अभियोजन और पीड़ित परिवार को सहायता
सरकार की ओर से अपर लोक अभियोजक मिश्रीलाल यादव ने मामले को प्रस्तुत किया। कोर्ट ने सरकार को पीड़िता के परिवार को आठ लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि प्रदान करने का आदेश दिया। गौरतलब है कि यह घटना न केवल एक परिवार बल्कि पूरे समाज को झकझोर देने वाली है। दोषी को कड़ी सजा मिलने से न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। हालांकि, अन्य आरोपियों की जांच पूरी होने और उन्हें सजा मिलने की उम्मीद अभी भी बनी हुई है।