मधुबनी जिले के जयनगर अनुमंडल में स्थित देवधा थानाध्यक्ष प्रीति भारती के खिलाफ भाकपा-माले का विरोध प्रदर्शन अब तेज होता जा रहा है। भाकपा-माले नेताओं और कार्यकर्ताओं ने थानाध्यक्ष पर जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं को अपमानित करने, दलालों के सहयोग से थाना संचालन करने और जनविरोधी और दमनकारी नीतियों को बढ़ावा देने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
जानकारी के मुताबिक, पार्टी कार्यकर्ताओं ने स्टेशन परिसर से झंडा-बैनर के साथ जुलूस निकाला, जो शहीद चौक, मैन रोड, भेलवा चौक होते हुए पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) जयनगर के कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन में तब्दील हो गया। प्रदर्शन की अगुवाई भाकपा-माले के प्रखंड सचिव भूषण सिंह ने की।
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थानाध्यक्ष को बताया अक्षम, भ्रष्टाचार में संलिप्तता का आरोप
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि देवधा थानाध्यक्ष प्रीति भारती न केवल अक्षम हैं, बल्कि वे थाना संचालन में स्थानीय स्वजातीय दलालों विजय ठाकुर (भदौर) और विनीत राय (पारसा) की मदद लेती हैं। यही नहीं, उन्होंने यह भी कहा कि थाना का वास्तविक संचालन विभागीय कार्रवाई संख्या-12/2024 के आरोपी एएसआई गणेश कुमार सिंह द्वारा किया जा रहा है, जो स्वयं भ्रष्टाचार के मामलों में संलिप्त हैं। भूषण सिंह ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि जब भाकपा-माले ने थानाध्यक्ष की जनविरोधी नीतियों का विरोध किया, तो पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ अपमानजनक व्यवहार किया गया और राजनीतिक बदले की भावना से धमकियां दी गईं।
अपराधों की बढ़ती घटनाएं बनी चिंता का विषय
प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि थानाध्यक्ष की नाकामी के चलते देवधा थाना क्षेत्र में अपराध की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जिससे आमजन की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन के इस रवैये से जनता में रोष व्याप्त है। अगर तत्काल प्रभाव से कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
पांच सूत्री मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन
भाकपा-माले प्रतिनिधियों ने पुलिस उपाधीक्षक विप्लव कुमार को पांच सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा। हालांकि डीएसपी कार्यालय में उनकी अनुपस्थिति में यह ज्ञापन कार्यालय में जमा किया गया। मांगों में मुख्य रूप से थानाध्यक्ष के खिलाफ कार्रवाई, एएसआई गणेश कुमार सिंह को हटाना, दलालों के प्रभाव को समाप्त करना, अपराध नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाना और आंदोलनकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना शामिल हैं। साथ ही, उन्होंने मोबाइल कॉल डिटेल्स और टावर लोकेशन की वैज्ञानिक जांच की भी मांग की है।
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आंदोलन और तेज करने की चेतावनी
प्रदर्शन के अंत में कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि अगर पुलिस प्रशासन ने अविलंब ठोस कार्रवाई नहीं की, तो आंदोलन को जिलेभर में विस्तार दिया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। इस पूरे घटनाक्रम ने देवधा थाना क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं।