दरभंगा जिले के हायाघाट विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक रामचंद्र प्रसाद साह को सम्राट चौधरी के मंत्रिमंडल में मंत्री बने हैं। गुरुवार की सुबह उन्हें लोक भवन से फोन कॉल आया, जिसके बाद उनके परिवार और समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई। जिस वक्त विधायक रामचंद्र प्रसाद साह को फोन गया वह पटना स्थित अपने आवास पर मौजूद थे। परिवार के सदस्यों के अनुसार मंत्री बनाए जाने की खबर मिलते ही कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने भी खुशी जताई।
जिला परिषद से शुरू हुआ राजनीतिक सफर
रामचंद्र प्रसाद साह ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत जिला परिषद से की थी। पहली बार चुनाव जीतकर वह जिला पार्षद बने थे। इसके बाद वह लगातार भाजपा कार्यकर्ता के रूप में सक्रिय रहकर राजनीति करते रहे। भाजपा ने उन्हें वर्ष 2020 के विधानसभा चुनाव में पहली बार उम्मीदवार बनाया, जहां उन्होंने जीत हासिल कर विधानसभा पहुंचे। इसके बाद वर्ष 2025 के विधानसभा चुनाव में लगातार दूसरी बार जीत दर्ज की। पार्टी ने उनके लंबे राजनीतिक योगदान और सक्रियता को देखते हुए पहली बार मंत्री पद की जिम्मेदारी देने का फैसला किया है।
परिवार ने जताई खुशी
विधायक रामचंद्र प्रसाद साह चार भाइयों और दो बहनों में दूसरे स्थान पर हैं। उनके परिवार में एक बेटा और दो बेटियां हैं। उनके बड़े भाई रामसेवक साह ने खुशी जताते हुए कहा कि मंत्री बनाए जाने की जानकारी मिलने से पूरा परिवार, कार्यकर्ता और ग्रामीण काफी खुश हैं। उन्होंने कहा कि रामचंद्र प्रसाद साह लगातार अपने क्षेत्र के लोगों की सेवा करते रहे हैं और अब बिहार सरकार में मंत्री बनकर पूरे राज्य की सेवा करेंगे।
उच्च शिक्षा के साथ राजनीति में सक्रिय भूमिका
अगर उनकी शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद वर्ष 1992 में पोस्ट ग्रेजुएट की डिग्री हासिल की तथा वर्ष 2014 में डॉक्टरेट की उपाधि भी प्राप्त की। शिक्षा के साथ-साथ उन्होंने सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में भी सक्रिय भूमिका निभाई है। विधायक ने अपने और अपनी पत्नी के पेशे को व्यवसाय एवं सामाजिक कार्यकर्ता बताया है।
तीन करोड़ से ज्यादा के संपत्ति के हैं मालिक
वर्ष 2025 के विधानसभा चुनाव में दाखिल शपथ पत्र के अनुसार विधायक रामचंद्र प्रसाद साह ने अपनी कुल संपत्ति 3 करोड़ 26 लाख 53 हजार 306 रुपये घोषित की है। उन्होंने अपने पास 51 हजार रुपये नकद तथा पत्नी के पास 41 हजार रुपये नकद होने की जानकारी दी है। आभूषणों में उन्होंने अपने पास 3 भर सोने के गहने तथा पत्नी के पास 1.5 भर सोने के गहने बताए हैं। वाहनों में उनके नाम पर एक टाटा 407 और एक पिकअप वाहन दर्ज है।
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विभिन्न थानों में कई मामले दर्ज
वहीं, उनके खिलाफ विभिन्न थानों में कई मामले दर्ज हैं। इनमें आईपीसी की धारा 341 के तहत अवैध रूप से रोकने, धारा 323 के तहत स्वेच्छा से चोट पहुंचाने, धारा 447 के तहत आपराधिक अतिक्रमण, धारा 504 के तहत शांति भंग करने के इरादे से अपमान करने तथा धारा 385 के तहत जबरन वसूली के उद्देश्य से भय पैदा करने से संबंधित मामले शामिल हैं।