बिहार सरकार के नए मंत्री अरुण शंकर प्रसाद
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मधुबनी के खजौली विधानसभा क्षेत्र से लगातार तीन बार के भाजपा विधायक अरुण शंकर प्रसाद नवंबर 2025 में पहली बार नीतीश कैबिनेट में मंत्री बने थे। उन्होंने बिहार सरकार में पर्यटन, कला, संस्कृति और युवा मामलों के मंत्री के रूप में कार्य किया है। अब एक बार फिर सम्राट चौधरी सरकार में उन्हें दोबारा मंत्री बनाया गया है। अरुण शंकर प्रसाद भाजपा के विश्वसनीय और अनुभवी नेताओं में गिने जाते हैं तथा पार्टी के ओबीसी मोर्चा में भी सक्रिय भूमिका निभा चुके हैं। उन्होंने राजनीति शास्त्र विषय से एम.ए. तक की पढ़ाई की है।
चुनावी राजनीति में मजबूत पकड़
अरुण शंकर प्रसाद ने वर्ष 2020 के विधानसभा चुनाव में राजद के उम्मीदवार सीताराम यादव को हराकर जीत दर्ज की थी। वहीं वर्ष 2015 के विधानसभा चुनाव में उन्हें राजद के सीताराम यादव के हाथों हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद उन्होंने लगातार क्षेत्र में अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत की। वर्ष 2025 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने राजद के ब्रज किशोर यादव को हराकर लगातार दूसरी बार जीत हासिल की और क्षेत्र में अपनी मजबूत स्थिति साबित की।
पिता की हत्या के बाद राजनीति में आए
अरुण शंकर प्रसाद ने अपने पिता की हत्या के बाद राजनीति में प्रवेश किया था। वह एक सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में भी सक्रिय रहे हैं। मंत्री बनने से पहले उन्होंने बिहार विधानसभा में एनडीए विधायक दल के सचेतक के रूप में भी जिम्मेदारी निभाई थी। उनकी संगठनात्मक क्षमता और राजनीतिक अनुभव को देखते हुए पार्टी ने उन पर लगातार भरोसा जताया है।
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संगठन में भी निभा चुके हैं अहम जिम्मेदारी
भाजपा संगठन में सक्रिय रहने के अलावा अरुण शंकर प्रसाद झारखंड भाजपा ओबीसी मोर्चा के प्रभारी और तेलंगाना प्रभारी की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। वैश्य समुदाय से आने वाले अरुण शंकर प्रसाद को पार्टी का मजबूत और भरोसेमंद नेता माना जाता है। उनके दोबारा मंत्री बनने की खबर से खजौली विधानसभा क्षेत्र सहित पूरे मिथिलांचल में एनडीए कार्यकर्ताओं के बीच खुशी का माहौल है।