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बिहार: कभी भाजपा से राजनीति का ककहरा सीखने वाले बने राजद विधान पार्षद, जानें कौन हैं अनिल कुमार झा

Fri, 30 Oct 2026 02:48 PM IST
दरभंगा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दरभंगा

सार

भाजपा के सामान्य कार्यकर्ता के रूप में राजनीतिक सफर शुरू करने वाले अनिल कुमार झा अब बिहार विधान परिषद पहुंच गए हैं। 20 साल तक भाजपा में संगठन के लिए काम करने के बाद 2020 में राजद में शामिल हुए अनिल झा ने दरभंगा स्नातक एमएलसी सीट पर जीत दर्ज की है।
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अनिल कुमार झा। फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से विधान परिषद का चुनाव जीतने वाले अनिल कुमार झा का राजनीतिक सफर भारतीय जनता पार्टी से शुरू हुआ था। उन्होंने वर्ष 2000 में भाजपा के एक सामान्य कार्यकर्ता के रूप में राजनीति में कदम रखा था। करीब दो दशक तक पार्टी में सक्रिय रहने के बाद वर्ष 2020 में उन्होंने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की सदस्यता ग्रहण कर ली। आज उसी राजद के टिकट पर विधान परिषद चुनाव जीतकर उन्होंने पार्टी में नया उत्साह भर दिया है।

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अनिल कुमार झा मूल रूप से दरभंगा जिले के बेनीपुर अनुमंडल के तारडीह प्रखंड स्थित ठेगहां गांव के रहने वाले हैं। उन्होंने ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय से इतिहास विषय में स्नातकोत्तर (पीजी) तक की पढ़ाई की है। उन्होंने वर्ष 2000 में भाजपा के साथ अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत की थी। पार्टी में लंबे समय तक सक्रिय रहते हुए उन्होंने संगठन के विभिन्न दायित्व निभाए। जब गोपालजी ठाकुर दरभंगा के जिलाध्यक्ष थे, उस दौरान अनिल कुमार झा को जिला महामंत्री बनाया गया था।

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करीब 20 वर्षों तक भाजपा में रहते हुए उन्होंने संगठन के लिए लगातार काम किया। बूथ प्रबंधन से लेकर छोटे-बड़े चुनावों में उनकी सक्रिय भूमिका रही। हालांकि पार्टी में लंबे समय तक काम करने के बावजूद उन्हें अपेक्षित अवसर नहीं मिलने से उनकी नाराजगी बढ़ी और वर्ष 2020 में उन्होंने भाजपा छोड़कर राजद का दामन थाम लिया। राजद में शामिल होने के कुछ समय बाद ही पार्टी ने उन्हें दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से विधान परिषद चुनाव का उम्मीदवार बनाया। यह उनके लिए बड़े चुनाव में उतरने का पहला अवसर था। हालांकि वर्ष 2020 के चुनाव में उन्हें निर्दलीय प्रत्याशी सर्वेश कुमार के हाथों हार का सामना करना पड़ा।

पहली हार के बावजूद अनिल कुमार झा ने राजनीतिक सक्रियता बनाए रखी और अगले चुनाव की तैयारी में जुटे रहे। वर्ष 2026 में स्नातक एमएलसी चुनाव की घोषणा के बाद राजद ने एक बार फिर उन पर भरोसा जताते हुए उन्हें उम्मीदवार बनाया। इस बार उन्होंने जीत दर्ज कर ली। जिस पार्टी को लंबे समय से चुनावी जीत का इंतजार था, वहां अनिल कुमार झा की सफलता ने कार्यकर्ताओं में नया उत्साह पैदा किया है।
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अनिल कुमार झा पेशे से राजनितिक कार्यकर्ता हैं, जबकि उनकी पत्नी पायल चौधरी सरकारी स्कूल में शिक्षिका हैं। जीत के बाद उनकी पत्नी ने पार्टी के शीर्ष नेता तेजस्वी यादव का आभार जताया है। उन्होंने चुनाव में मदद करने वाले सभी मतदाताओं और कार्यकर्ताओं का भी आभार जताया है।

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