बिहार में महिलाओं और नाबालिग बच्चियों से जुड़ी हालिया घटनाओं को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। एनडीए सरकार के सहयोगी दल लोजपा (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान द्वारा बिहार की कानून-व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सरकार पर सवाल उठाए जाने के बाद राजद ने पलटवार किया है। समस्तीपुर में राजद विधायक और बिहार सरकार के पूर्व मंत्री आलोक कुमार मेहता ने चिराग पासवान पर तंज कसते हुए कहा कि उनकी स्थिति ‘गुड़ खाए गुलगुल्ला से परहेज’ वाली है।
बताते चलें कि चिराग पासवान ने हालिया घटनाओं पर चिंता जताते हुए कहा था कि बिहार में बच्चियों के साथ इस तरह की घटनाएं होना बेहद शर्मनाक है। उन्होंने राज्य सरकार से प्रशासन की जवाबदेही तय करने और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की थी।
‘चिंता है तो सरकार से समर्थन वापस लें चिराग’
बुधवार को समस्तीपुर में राजद कार्यकर्ता सम्मेलन में शामिल होने के बाद मीडिया से बातचीत में पूर्व मंत्री आलोक कुमार मेहता ने कहा कि अगर चिराग पासवान को वास्तव में बिहार की बच्चियों की सुरक्षा की चिंता है तो उन्हें एनडीए सरकार से अपना समर्थन वापस लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि चिराग एक तरफ सरकार और उसकी कानून-व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि दूसरी तरफ उसी सरकार का हिस्सा बने हुए हैं। केवल बयान देने से समस्या का समाधान नहीं होगा। उन्होंने कहा कि चिराग पासवान की स्थिति ‘गुड़ खाए गुलगुल्ला से परहेज’ वाली है।
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रामविलास पासवान का भी किया जिक्र
उजियारपुर से राजद विधायक आलोक कुमार मेहता ने इस दौरान चिराग पासवान के पिता और दिवंगत नेता रामविलास पासवान का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि रामविलास पासवान ऐसे नेता थे, जिन्होंने राजनीतिक परिस्थितियों में सरकार से समर्थन वापस लेने जैसे फैसले किए थे। पूर्व मंत्री ने कहा कि यदि चिराग पासवान अपने पिता की राजनीतिक विरासत का हवाला देते हैं और सरकार की कार्यशैली से असहमति रखते हैं तो उन्हें भी अपनी राजनीतिक स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
बिहार की कानून-व्यवस्था पर सरकार को घेरा
आलोक मेहता ने बिहार में आपराधिक घटनाओं को लेकर राज्य सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का सरकार पर नियंत्रण नहीं रह गया है और प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक है।
समस्तीपुर की घटनाओं के बाद बढ़ी सियासी हलचल
समस्तीपुर जिले के विभिन्न हिस्सों सहित बिहार के कई जिलों में नाबालिग लड़कियों से कथित बदसलूकी से जुड़े वीडियो सामने आने के बाद चिराग पासवान ने मामलों को गंभीर बताते हुए मुख्यमंत्री से सख्त कार्रवाई की मांग की थी। इसके बाद महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा तथा कानून-व्यवस्था का मुद्दा राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया। चिराग पासवान के सरकार पर सवाल उठाने के बाद विपक्षी नेताओं ने भी उनसे सरकार में बने रहने को लेकर सवाल किए हैं। अब समस्तीपुर में पूर्व मंत्री आलोक कुमार मेहता के बयान के बाद यह मुद्दा एक बार फिर सियासी चर्चा में है।