झंझारपुर में पुलिस अनुमंडल पदाधिकारी (डीएसपी) सुबोध कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में अपराध समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में सभी थाना प्रभारी, अंचल पुलिस निरीक्षक, अभियोजन कार्यालय के पदाधिकारी और अनुमंडल अस्पताल के अधिकारी शामिल हुए।
बिहार विधानसभा चुनाव और त्योहारों को लेकर प्रदेश की पुलिस अलर्ट मोड पर है। इसीक्रम में मधुबनी में क्राइम की समीक्षा बैठक ली गई। इस दौरान डीएसपी सुबोध कुमार सिन्हा ने विगत माह में दर्ज आपराधिक मामलों, उनके निष्पादन और लंबित कांडों की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि आगामी माह में थाना प्रभारियों को मामलों के निष्पादन का लक्ष्य दिया गया है। जिन अनुसंधानकर्ताओं का प्रदर्शन बेहतर रहेगा, उन्हें पुरस्कृत करने की अनुशंसा की जाएगी।
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डीएसपी ने कहा कि चुनाव और पर्व-त्योहार के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी थाना प्रभारियों को आचार संहिता (Model Code of Conduct) के प्रावधानों का सख्ती से पालन करने और रिपोर्ट समय पर भेजने का निर्देश दिया गया।
संवेदनशील बूथों और इलाकों की पहचान की गई
उन्होंने बताया कि संवेदनशील बूथों और इलाकों की पहचान कर ली गई है। ऐसे क्षेत्रों में शांति भंग करने वाले या माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वाले व्यक्तियों पर बॉन्ड डाउन की कार्रवाई की जाएगी। डीएसपी ने यह भी कहा कि चुनाव के दौरान आने वाली पैरामिलिट्री फोर्सेस के साथ समन्वय स्थापित करने और रोजाना ला एंड ऑर्डर रिपोर्ट भेजने की व्यवस्था की गई है। सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिया गया है कि एनबीडब्ल्यू (NBW), कुर्की-जब्ती और स्थायी वारंट के मामलों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करें।
अपराधियों पर सख्त नजर रखी जाएगी- डीएसपी
डीएसपी ने स्पष्ट कहा कि चुनाव के दौरान अपराधियों पर सख्त नजर रखी जाएगी। चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने वाले व्यक्तियों को पहले ही चिन्हित कर बॉन्ड डाउन किया गया है। यदि कोई व्यक्ति चुनावी माहौल बिगाड़ने की कोशिश करेगा, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
अंत में, डीएसपी सुबोध कुमार सिन्हा ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि पुलिस की साख बनाए रखने और जनता में भरोसा कायम रखने के लिए कानून-व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखें। अब देखना होगा कि डीएसपी की यह बैठक आगामी चुनाव और त्योहारों के दौरान कितनी कारगर साबित होती है।