सरस्वती मूर्ति विसर्जन जुलूस पर हमले के बाद स्थिति तनावपूर्ण
- फोटो : अमर उजाला
बिहार के दरभंगा जिले के भालपट्टी ओपी थाना क्षेत्र के तारसराय मुरिया माली टोला में सरस्वती प्रतिमा विसर्जन के दौरान हुए विवाद के बाद इलाके में अभी तनाव है। शुक्रवार सुबह से तारसराय बाजार व्यवसायियों ने विरोध स्वरूप अपनी-अपनी दुकानें बंद कर रखी हैं। हालांकि जिला प्रशासन ने अभी भी इलाके में भारी मात्रा में पुलिस बल तैनात कर रखा है। खुद सदर डीएसपी अमित कुमार इलाके में कैंप कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि जिला पुलिस ने पूरी रात छापेमारी कर करीब लगभग 12 लोगों को हिरासत में लिया, जिनसे पूछताछ जारी है।
इस घटना से संबंधित सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें उपद्रवी प्रतिमा विसर्जन के लिए जा रहे लोगों पर अचानक से लाठी-डंडों से हमला और पत्थरबाजी करते दिखाई दे रहे हैं। वहीं, दुकानों में लूटपाट और वाहनों में तोड़-फोड़ करते नजर आ रहे हैं।
हालांकि शुक्रवार को इलाके में जिला प्रशासन ने शांति समिति की बैठक बुलाई है। लोगों का मानना है कि यह मामला पिछले दिनों एक व्यक्ति द्वारा डीएम से जमीन विवाद में धर्म परिवर्तन का दबाव डालने का मामला सामने लाया गया था। उसके निराकरण में पीड़ित पक्ष की जमीन की चारदीवारी कराकर इस मामले को सुलझा दिया गया था। लेकिन यह मामला भीतर-भीतर सुलग ही रहा था। इस सरस्वती पूजा के मद्देनजर पुलिस द्वारा इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया। वहीं, इस मामले डीएम राजीव रौशन ने कहा कि इसकी भी जांच कराई जा रही है। इस तरह का मामला अगर सामने आता है तो सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इधर, इस मामले को लेकर भाजपा विधायक संजय सरावगी ने कहा कि मुरिया में हमेशा इस तरह का विवाद होता रहता है। वहां हिंदू अल्पसंख्यक हैं, जबकि दूसरे पक्ष के लोग बहुसंख्यक हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि वहां के बहुसंख्यक समुदाय के लोग अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को प्रताड़ित करते हैं, यह बर्दाश्त से बाहर की बात है। कल की घटना में तो इन लोगों ने अति कर दी, सरस्वती माता की प्रतिमा प्रत्येक वर्ष की भांति अपने रास्ते से ही विसर्जन के लिए जा रही थी। इस दौरान पत्थरबाजी की गई। लोगों के घर में घुसकर मारपीट और लूटपाट की गई है। इस पर प्रशासन सख्त कार्रवाई करेगा। इस पूरे मामले की जांच की जाएगी।