दुष्कर्म के मामले में 20 वर्षों की सजा काट रहे एक युवक को पटना हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। उच्च न्यायालय ने मामले की सुनवाई के बाद दरभंगा जिले के बहेड़ी थानाक्षेत्र निवासी आरोपी मुकेश कुमार को सजा से मुक्त कर दिया और उसे जेल से रिहा कर दिया। यह मामला वर्ष 2020 का है, जब एक युवती ने शादी का झांसा देकर एक साल तक दुष्कर्म करने का आरोप लगाया था।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के मुताबिक, साल 2020 में एक गांव की युवती ने मुकेश कुमार पर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया था। युवती का कहना था कि मुकेश ने शादी का झांसा देकर एक वर्ष तक उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। इस मामले की प्राथमिकी 283/20 के तहत दर्ज की गई थी। दरभंगा कोर्ट ने गवाही और सुनवाई के बाद 29 नवंबर 2023 को मुकेश कुमार को दोषी ठहराते हुए 20 वर्ष की सजा सुनाई थी।
सजा के खिलाफ अपील
मुकेश कुमार के परिवार ने इस मामले में सामाजिक कार्यकर्ता रविंद्रनाथ सिंह से मदद की गुहार लगाई। रविंद्रनाथ सिंह ने इस मामले में पटना हाईकोर्ट में अधिवक्ता ओम प्रकाश की मदद से सजा के खिलाफ अपील दायर की। सुनवाई के बाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति आशुतोष कुमार और राजेश वर्मा की खंडपीठ ने जल्दी से सुनवाई की और मुकेश कुमार को सजा से मुक्त करने का आदेश दिया।
‘पंचायत के फैसले के कारण फंसाया गया था’
जेल से रिहा होने के बाद मुकेश कुमार ने बताया कि मेरे 20 वर्षों की सजा से मुक्त कराने में सबसे बड़ी मदद रविंद्रनाथ सिंह ने की। उनकी मदद के कारण ही आज मैं अपनी फैमिली के साथ बाहर आ सका हूं। मुकेश ने पूरी घटना का विवरण देते हुए कहा कि पंचायत के फैसले के कारण उसे इस मामले में फंसाया गया था। पंचायत में युवती ने अपने दोस्त दिनेश कुमार पर भी दुष्कर्म का आरोप लगाया था। उसके बाद पंचायत ने दिनेश पर पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया था, जिसे लड़की के परिवार ने लिया था।
पंचायत का फैसला और आरोप
मुकेश कुमार ने कहा कि उसे इस मामले में फंसाने का कारण पंचायत का फैसला था, जिसमें उसे एक लाख रुपये का जुर्माना भरने का आदेश दिया गया था। लेकिन उसने यह रकम देने से इनकार कर दिया था। बाद में यह मामला मुकेश के खिलाफ दुष्कर्म के आरोप में बदल गया। मुकेश का कहना था कि वह दिनेश कुमार के साथ बाइक से जा रहा था, जहां लड़की को उसके दोस्त ने बाइक पर बैठा लिया था और उसे देखा गया था।
सामाजिक कार्यकर्ता का बयान
वहीं, सामाजिक कार्यकर्ता रविंद्रनाथ सिंह ने कहा कि मुकेश को झूठे आरोपों में फंसाया गया था। चार वर्षों तक वह जेल में था और आज हाईकोर्ट के आदेश से रिहा हुआ है। मैं हाईकोर्ट के न्यायधीश आशुतोष कुमार और राजेश वर्मा का धन्यवाद करता हूं, जिन्होंने इस मामले को गंभीरता से लिया और मुकेश कुमार को न्याय दिलाया।
पूर्व डीएसपी पर आरोप
रविंद्रनाथ सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि पूर्व डीएसपी उमेश्वर चौधरी ने इस मामले में केवल 20 दिनों में चार्जशीट दाखिल कर दी थी। उस वजह से मुकेश को सजा दिलाई गई, जबकि मुख्य आरोपी दिनेश कुमार को बचा लिया गया था।