मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शनिवार को मधुबनी जिले के लौकही प्रखंड स्थित प्लस टू उच्च विद्यालय के प्रांगण में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। वे हेलीकॉप्टर से विद्यालय परिसर में पहुंचे, जहां जदयू कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम के बीच मुख्यमंत्री निर्धारित समय से थोड़ी देर से कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे। उनके साथ जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, राज्यसभा सांसद संजय कुमार झा, परिवहन मंत्री शीला मंडल, बिहार सरकार की प्रभारी मंत्री लीची सिंह और पूर्व मंत्री लक्ष्मेश्वर राय भी मौजूद रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पूर्व पंचायती राज मंत्री स्वर्गीय हरिप्रसाद शाह की प्रतिमा का अनावरण कर की। इसके बाद मंच पर उपस्थित जनसमूह का अभिवादन स्वीकार करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार निरंतर जनहित में काम कर रही है और आज शिलान्यास की जा रही योजनाएं क्षेत्र के सर्वांगीण विकास में सहायक सिद्ध होंगी।
पढ़ें: मुख्यमंत्री का ड्रीम प्रोजेक्ट तैयार, 29 जुलाई को होगा उद्घाटन; 15 देशों के प्रतिनिधि होंगे शामिल
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कुल 426 करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न विकास योजनाओं का शिलान्यास किया। इनमें पुरानी कमला और जीवछ कमला नदियों के पुनर्जीवीकरण के साथ-साथ इन पर चार वीयर और अन्य जल संरचनाओं के निर्माण कार्य शामिल हैं। इसके अलावा 31 करोड़ 13 लाख रुपये की लागत से माता सीता और प्रभु श्रीराम के प्रथम मिलन स्थल फुलहर स्थान को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की परियोजना की भी आधारशिला रखी गई।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने 178 करोड़ रुपये की लागत से जयनगर के शहीद चौक के समीप रेल ओवरब्रिज निर्माण कार्य तथा 14 करोड़ 53 लाख रुपये की लागत से मधुबनी में एक अंतरराज्यीय बस अड्डे के निर्माण कार्य का शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि ये सभी योजनाएं क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ स्थानीय लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराएंगी और रोजगार के अवसर भी सृजित करेंगे। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में लोगों से अपील की कि वे विकास योजनाओं के सफल क्रियान्वयन में प्रशासन और सरकार का सहयोग करें, ताकि इनके लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सकें।