समस्तीपुर के जगतसिंहपुर में नाबालिग से कथित बदसलूकी के वायरल वीडियो मामले के मुख्य आरोपित विकास कुमार शर्मा के घर के सामने सरकारी जमीन पर बनी पक्की संरचना प्रशासन ने बुधवार को बुलडोजर से हटाई। नोटिस के बाद अतिक्रमण नहीं हटाने पर कार्रवाई हुई।
जिले के कर्पूरीग्राम थाना क्षेत्र के जगतसिंहपुर गांव में बूढ़ी गंडक बांध के समीप नाबालिग लड़की से कथित बदसलूकी के वायरल वीडियो मामले में प्रशासन ने बुधवार को मुख्य आरोपित विकास कुमार शर्मा के घर के सामने सरकारी जमीन पर बनी पक्की संरचना को बुलडोजर से हटाया। कार्रवाई के दौरान पुलिस बल तैनात रहा।
प्रशासन के अनुसार, सरकारी जमीन पर किए गए अतिक्रमण को हटाने के लिए विकास कुमार शर्मा को पहले दो नोटिस दिए गए थे। निर्धारित समयसीमा में अतिक्रमण नहीं हटाए जाने के बाद प्रशासनिक टीम ने मौके पर पहुंचकर पक्की संरचना को हटाया। कार्रवाई के दौरान करीब दो फीट अतिक्रमित हिस्से को भी हटाया गया।
इससे पहले 25 सितंबर को मामले में गिरफ्तार तीन अन्य आरोपितों राहुल कुमार, रामबाबू सहनी और पीडीएस डीलर अवधेश पासवान से जुड़े सरकारी जमीन पर कथित अतिक्रमण को हटाया गया था। उनके सड़क किनारे बने अस्थायी कच्चे घरों और झोपड़ीनुमा दुकानों पर प्रशासन ने कार्रवाई की थी।
वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू की और घटनास्थल की पहचान जगतसिंहपुर के रूप में की। पुलिस ने मामले में विकास कुमार शर्मा, राहुल कुमार, रामबाबू सहनी और पीडीएस डीलर अवधेश पासवान को गिरफ्तार किया। मामले में पोक्सो और आईटी एक्ट समेत संबंधित धाराओं में कार्रवाई की गई। चारों आरोपितों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
पहले तीन आरोपितों के अतिक्रमण पर हुई थी कार्रवाई
आरोपितों की गिरफ्तारी के बाद प्रशासन ने उनके घर और दुकानों के आसपास सरकारी जमीन पर किए गए कथित अतिक्रमण की जांच की। 25 सितंबर को राहुल कुमार, रामबाबू सहनी और अवधेश पासवान से जुड़े अतिक्रमण को हटाया गया था।
मुख्य आरोपित विकास कुमार शर्मा के मकान के सामने पक्की संरचना होने के कारण प्रशासन ने उसे नोटिस जारी किया था। नोटिस में निर्धारित अवधि में अतिक्रमित हिस्सा हटाने का निर्देश दिया गया था। समयसीमा पूरी होने के बाद भी अतिक्रमण नहीं हटाए जाने पर बुधवार को प्रशासन ने कार्रवाई की।
पीडीएस लाइसेंस भी रद्द
मामले में गिरफ्तार अवधेश पासवान जनवितरण प्रणाली की दुकान से जुड़ा बताया गया है। सदर एसडीओ राकेश कुमार ने उसके पीडीएस लाइसेंस को रद्द करने की कार्रवाई की थी। सदर एसडीओ राकेश कुमार ने बताया कि सरकारी जमीन पर किए गए अतिक्रमण को नियमानुसार हटाया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि बुधवार की कार्रवाई सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने के संबंध में की गई है, जबकि नाबालिग से कथित बदसलूकी के मामले की आपराधिक जांच पुलिस की ओर से जारी है।