दरभंगा महाराज की अंतिम महारानी कामसुंदरी देवी के निधन के बाद से महाराज कामेश्वर सिंह को भारत रत्न देने की मांग लगातार राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में उठ रही है। इस सिलसिले में बिहार विधान परिषद के भाजपा सदस्य कामेश्वर ठाकुर ने बजट सत्र के दौरान सभापति से महाराज को भारत रत्न देने की औपचारिक अनुशंसा केंद्र सरकार को भेजने की मांग की है।
विधान परिषद में भाजपा MLC ने गिनाया योगदान
सभा में कामेश्वर ठाकुर ने कहा कि 1962 के भारत-चीन युद्ध के दौरान भारतीय सेना की सहायता के लिए महारानी कामसुंदरी देवी ने 600 किलोग्राम सोना (15 मन) दान किया था। राज परिवार या महाराज का योगदान केवल इसी तक सीमित नहीं है। महाराज ने मिथिलांचल, वाराणसी, कोलकाता, दिल्ली, पटना और अन्य शहरों में विश्वविद्यालय और कॉलेज स्थापित किए। महाराज शिक्षा, स्वास्थ्य, समाज, कला और संस्कृति के क्षेत्र में मिथिला के लिए अमूल्य योगदान देने वाले महापुरुष थे। उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता और ऐसे महापुरुषों को उनका उचित सम्मान दिलाना हमारा दायित्व है।
युवराज कपिलेश्वर ने भाजपा एमएलसी को दिया धन्यवाद
भाजपा एमएलसी के इस कदम पर युवराज कपिलेश्वर सिंह ने कामेश्वर ठाकुर को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि यदि महाराज कामेश्वर सिंह को भारत रत्न दिया जाता है, तो यह सिर्फ परिवार या मिथिला के लोगों के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए गौरव की बात होगी। युवराज ने महाराज के संविधान सभा में सदस्य रहने, संविधान निर्माण में सहभागिता करने और स्वतंत्रता के बाद राज्यसभा सदस्य बनने के योगदान को भी याद किया। इसके अलावा महाराज लंदन में आयोजित गोलमेज सम्मेलन में भी भाग ले चुके थे।
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लोगों की नजर बिहार सरकार पर टिकी
महाराज कामेश्वर सिंह का मीडिया क्षेत्र में योगदान भी उल्लेखनीय रहा। उन्होंने हिंदी में ‘आर्यावर्त’ और अंग्रेज़ी में ‘द इंडियन नेशन’ अखबारों की स्थापना की, जो लंबे समय तक प्रतिष्ठित रहे। इन संस्थानों ने कई लोगों को रोजगार भी प्रदान किया। इस प्रस्ताव के बाद राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। अब लोगों की नजर बिहार सरकार पर टिकी है कि वह महाराज कामेश्वर सिंह के भारत रत्न के लिए केंद्र सरकार को औपचारिक अनुशंसा कब भेजती है।