पत्रकारों से बात करते पूर्व केंद्रीय मंत्री अली अशरफ फातमी
दरभंगा में पूर्व केंद्रीय मंत्री सह राजद अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष मो. अली अशरफ फातमी ने देर शाम पत्रकारों से बातचीत करते हुए जिले में हो रही दुष्कर्म की घटनाओं पर गहरा दुख जताया। उन्होंने कहा कि अब छोटी-छोटी बच्चियां भी दुष्कर्म का शिकार हो रही हैं, जो बेहद चिंताजनक है। बिहार के भीतर 1990 से पहले का दौर चल रहा है। पिछड़ों पर बिहार लगातार हमले हो रहे हैं हत्याएं हो रही है लेकिन कार्रवाई के नाम पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि बिहार के डिप्टी सीएम एवं गृह मंत्री सम्राट चौधरी यूपी में बुलडोजर चलने की बात कहते हैं और दावा करते हैं कि बिहार में भी बुलडोजर चल रहा है, लेकिन हकीकत में यह कार्रवाई दलितों और अति पिछड़ों पर ही हो रही है। फातमी ने आरोप लगाया कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक है और अपराध की घटनाओं पर ठोस कार्रवाई नहीं हो रही। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार के दो दशक पूरे हो चुके हैं, लेकिन हालात संतोषजनक नहीं हैं।
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फातमी ने कहा कि सरकार एक ओर शराबबंदी का दावा करती है, जबकि दूसरी ओर अवैध शराब की उपलब्धता की शिकायतें मिलती रहती हैं। उनका आरोप है कि बड़े शराब कारोबारियों पर कार्रवाई कम होती है, जबकि छोटे स्तर के लोगों को पकड़कर जेल भेज दिया जाता है। उन्होंने सरकार से दोषियों पर कठोर कार्रवाई करने और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।
कुशेश्वरस्थान के हरिनगर में हुई जातीय हिंसा पर भी उन्होंने चिंता व्यक्त की। उनका कहना है कि हिंसा में दलित परिवारों को नुकसान हुआ है और प्रभावित लोगों को अब तक पर्याप्त सहायता नहीं मिली है। उन्होंने बताया कि घटना में घायल कई लोग अभी भी डीएमसीएच में इलाजरत हैं। एक गंभीर रूप से घायल बच्ची की स्थिति पर भी उन्होंने चिंता जताई। फातमी ने कहा कि सरकार को कानून-व्यवस्था की स्थिति सुधारने, पीड़ितों को न्याय और सहायता देने तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने चाहिए।