वोट अधिकार यात्रा की तैयारी के दौरान बिहार सरकार के पूर्व मंत्री एवं राजद के प्रधान महासचिव अब्दुलबारी सिद्दीकी ने अपने बयान को लेकर सफाई दी। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने मेरे बयान को तोड़-मरोड़कर गलत तरीके से प्रस्तुत किया है। मैंने कभी यह नहीं कहा कि देश कांग्रेस का गुलाम हुआ करता था, बल्कि मैंने कहा था कि देश अंग्रेजों का गुलाम हुआ करता था।
सिद्दीकी ने आगे कहा कि चुनाव आयोग ने बिहार में 65 लाख मतदाताओं को अवैध घोषित कर दिया है। अब आयोग कह रहा है कि इनमें से 98 प्रतिशत को पुनः कलेक्ट कर लिया गया है। सवाल यह है कि इन 65 लाख में कितने ऐसे मतदाता हैं, जो बाहर दिल्ली, मुंबई या अन्य राज्यों में रहकर अपनी बात रख रहे हैं। इस पर चुनाव आयोग को स्पष्ट जवाब देना चाहिए।
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उन्होंने आरोप लगाया कि यदि चुनाव आयोग को मतदाता सूची को लेकर इतनी ही चिंता थी, तो उसे इसकी तैयारी एक साल पहले करनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि यदि आयोग के अनुसार बिहार में 65 लाख वोटर अवैध हैं, तो इसका मतलब है कि लोकसभा चुनाव में भी इन मतदाताओं ने मतदान किया। ऐसे में केंद्र की जो सरकार बनी है, वह नैतिक दृष्टि से अवैध ठहरती है। इसके लिए चुनाव आयोग को माफी मांगनी चाहिए और केंद्र सरकार को नैतिक आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए।