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Bihar News: अगवा कर नाबालिग की हत्या मामले में चार दोषियों को आजीवन कारावास, कोर्ट ने 10 साल बाद सुनाया फैसला

Tue, 25 Feb 2025 08:04 PM IST
दरभंगा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दरभंगा

सार

Darbhanga News: दरभंगा में 13 साल के बालक को अगवा कर हत्या करने मामले में चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। साथ ही अदालत ने अर्थदंड भी लगाया है। कोर्ट ने यह फैसला 10 साल बाद किया है। पढ़ें पूरी खबर...।
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दरभंगा व्यवहार न्यायालय - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दरभंगा के व्यवहार न्यायालय के जिला एवं सत्र न्यायाधीश विनोद कुमार तिवारी ने कुशेश्वरस्थान थाना क्षेत्र निवासी 13 वर्षीय गौतम साह की हत्या के मामले में चार अभियुक्तों घूरन यादव, राम विनय यादव, विपिन यादव और विजय यादव को आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।

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10 साल बाद मिला न्याय
जानकारी के मुताबिक, 11 अक्तूबर 2015 को गौतम साह की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में मृतक के चाचा प्रभु साह ने कुशेश्वरस्थान थाना में प्राथमिकी (संख्या 279/15) दर्ज कराई थी। प्राथमिकी में आरोप लगाया गया था कि गौतम के पिता ने गांव के ही रामचंद्र साह की हत्या के मामले में गवाही दी थी, जिससे नाराज होकर अभियुक्तों ने बदले की भावना से 13 वर्षीय गौतम साह की हत्या कर दी।
 
हत्या की पूरी वारदात
जानकारी के मुताबिक, हत्या के दिन गौतम अपनी मां के साथ खेत जा रहा था। कुछ देर बाद जब वह अपनी मां के पीछे-पीछे खेत से लौट रहा था, तभी अभियुक्तों ने उसे अगवा कर लिया। अगले दिन गांव के एक नाले से उसका शव बरामद किया गया, जिसके दोनों पैर रस्सी से बंधे हुए थे और मुंह से खून निकल रहा था। इस घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल बन गया था।
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कोर्ट में चला लंबा मुकदमा
मामले की सुनवाई के दौरान 29 नवंबर 2019 को अभियुक्तों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया गया। अभियोजन पक्ष की ओर से कुल नौ गवाहों की गवाही कराई गई। अदालत ने 13 फरवरी 2025 को चारों आरोपियों को दोषी करार दिया और 25 फरवरी 2025 को सजा सुनाई।
 
सजा का विवरण

  • भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत चारों दोषियों को आजीवन सश्रम कारावास और 25 हजार रुपये जुर्माना
  • धारा 301 के तहत तीन साल कारावास और तीन हजार रुपये का जुर्माना

 
अभियोजन पक्ष की कड़ी दलीलें
सजा सुनाने के दौरान अदालत में अभियोजन पक्ष की ओर से एपीपी चमकलाल पंडित ने मजबूती से बहस की। उन्होंने अदालत के सामने हत्या की योजना, घटना के चश्मदीद गवाहों के बयान और बरामद शव की स्थिति से जुड़े सबूत पेश किए।
 
न्याय मिलने पर परिजनों ने जताया संतोष
गौतम साह के परिजनों ने कोर्ट के फैसले पर संतोष जताते हुए कहा कि न्याय मिलने में भले ही 10 साल लग गए। लेकिन दोषियों को उनके किए की सजा मिली। इस फैसले के बाद गांव में भी अपराधियों के खिलाफ कड़ा संदेश गया है।

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