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Bihar: दोस्तों की बेरहमी से पिटाई के बाद युवक की मौत, अस्पताल पर शव रोकने का आरोप; बिल को लेकर घंटों हंगामा

Tue, 19 May 2026 09:38 PM IST
दरभंगा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दरभंगा

सार

दरभंगा में शादी समारोह के दौरान दोस्तों की पिटाई से घायल युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों ने निजी अस्पताल पर साढ़े तीन लाख रुपये के बिल के लिए शव घंटों रोकने का आरोप लगाया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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फाइल फोटो : मृतक अर्जुन चौपाल - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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दरभंगा में शादी समारोह के दौरान दोस्तों के बीच हुए विवाद ने एक परिवार की खुशियां मातम में बदल दीं। दोस्तों की कथित पिटाई से गंभीर रूप से घायल युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई। वहीं, मौत के बाद निजी अस्पताल पर भारी बिल के लिए शव रोकने का आरोप लगने से मामला और गरमा गया। मृतक की पहचान जमालपुर थाना क्षेत्र के भूगौल गांव निवासी मिथिलेश चौपाल के 22 वर्षीय पुत्र अर्जुन चौपाल के रूप में हुई है।
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दोस्त बुलाकर ले गया था शादी समारोह में
परिजनों के मुताबिक, अर्जुन को उसका दोस्त नंटू मुखिया शादी समारोह में शामिल होने के लिए बुलाकर ले गया था। इसी दौरान कुशेश्वरस्थान थाना क्षेत्र के बेर चौक स्थित नौनी-कछुआ गांव में दोस्तों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया। आरोप है कि विवाद के बाद अर्जुन की बेरहमी से पिटाई की गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर बेहोश हो गया।

कई अस्पतालों में चला इलाज
मृतक के भाई मुकेश चौपाल ने बताया कि घायल अर्जुन को पहले सतीघाट पीएचसी ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक इलाज के बाद उसकी हालत गंभीर देखते हुए दरभंगा मेडिकल कॉलेज और अस्पताल रेफर कर दिया। डीएमसीएच में भी स्थिति नाजुक बनी रहने पर डॉक्टरों ने उसे पटना भेजने की सलाह दी। परिजनों का आरोप है कि पटना ले जाने के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था करने के दौरान चालक उन्हें बहला-फुसलाकर बेंता स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया।
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मौत के बाद अस्पताल पर शव रोकने का आरोप
मंगलवार को इलाज के दौरान अर्जुन की मौत हो गई। इसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने करीब साढ़े तीन लाख रुपये का बिल परिजनों को थमा दिया। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार इतनी बड़ी रकम देने में असमर्थ था। परिजनों का आरोप है कि बिल का भुगतान नहीं होने पर अस्पताल प्रबंधन ने शव को करीब चार से पांच घंटे तक रोक कर रखा। इस दौरान अस्पताल परिसर में काफी हंगामा हुआ और परिजन रोते-बिलखते रहे। परिजनों ने एंबुलेंस चालक पर दलाली का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें सरकारी अस्पताल की जगह निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
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पुलिस हस्तक्षेप के बाद सौंपा गया शव
काफी देर तक चले विवाद और सामाजिक कार्यकर्ताओं के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ। बताया जा रहा है कि डेढ़ लाख रुपये जमा कराने के बाद अस्पताल प्रबंधन ने शव परिजनों को सौंपा। सूचना मिलने पर बिहार पुलिस की लहेरियासराय थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए डीएमसीएच भेज दिया। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।
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