समस्तीपुर के लाल वैभव सूर्यवंशी ने एक बार फिर अपने बल्ले से इतिहास रच दिया है। वैभव ने महज 36 गेंदों में शतक जड़ते हुए 84 गेंदों पर 190 रनों की विस्फोटक पारी खेली और बिहार की टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। अपनी इस ऐतिहासिक पारी में वैभव ने 15 छक्के और 16 चौके जड़े।
इस शानदार प्रदर्शन के बाद समस्तीपुर जिले में खुशी की लहर दौड़ गई। शहर से लेकर गांव तक लोग वैभव सूर्यवंशी की तारीफ करते नजर आए। विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 में बिहार की क्रिकेट टीम ने ऐसा कारनामा कर दिखाया है, जिसने भारतीय घरेलू क्रिकेट के रिकॉर्ड बुक को नई पहचान दी है। इस मुकाबले में बिहार ने 574 रन बनाकर न सिर्फ टूर्नामेंट की दूसरी सबसे बड़ी टीम बनने का गौरव हासिल किया, बल्कि सबसे बड़ा स्कोर खड़ा करने वाली टीम भी बन गई।
यह उपलब्धि केवल एक मैच की जीत नहीं, बल्कि बिहार क्रिकेट के बढ़ते कद और मजबूत भविष्य का प्रतीक बन गई है। खास बात यह है कि इसी मैदान से वैभव सूर्यवंशी ने अपने क्रिकेट करियर की शुरुआत की थी।
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समस्तीपुर के ऐतिहासिक पटेल मैदान में अभ्यास कर रहे युवा खिलाड़ी नीतीश ने कहा कि हम जानते हैं वैभव बहुत अच्छा खेलते हैं और हम चाहते हैं कि वह और बेहतर प्रदर्शन करें। वैभव का स्वभाव बेहद सरल है, उनके अंदर किसी तरह का घमंड नहीं है, जो उन्हें खास बनाता है। अंडर-19 एशिया कप में उनका प्रदर्शन अपेक्षा के अनुरूप नहीं रहा था, लेकिन अगर वह सोच-समझकर बल्लेबाजी करेंगे तो और आगे जाएंगे।
वहीं युवा खिलाड़ी आयुष कुमार ने कहा कि यह तो वैभव का गेम है, वह हर मैच में इसी तरह खेलने की कोशिश करते हैं। इतनी कम उम्र में वह लगातार इतिहास रच रहे हैं। अभी तो उनका करियर शुरू ही हुआ है, आगे और भी बड़े रिकॉर्ड बनाएंगे। इस बार वह विजय हजारे प्लेट ग्रुप में हैं, अगली बार जरूर एलीट ग्रुप में खेलते नजर आएंगे। हम उन्हें बधाई देते हैं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हैं।