कोसी नदी किनारे जुटी ग्रामीणों की भीड़
दरभंगा जिले के जमालपुर थाना क्षेत्र में कोसी नदी में बुधवार को हुए नाव हादसे के 32 घंटे बाद SDRF की टीम ने डूबी तीन महिलाओं में से दूसरी महिला अमीरा देवी का शव घटना स्थल से लगभग 500 मीटर दूर बरामद किया है। जबकि 32 घंटे बाद भी प्रियंका कुमारी उर्फ नेहा की बरामदगी नहीं हो सकी है। हालांकि SDRF की टीम अब भी उसकी तलाश में जुटी हुई है। इधर, घटना के बाद गुरुवार को दूसरे दिन भी नदी किनारे लोगों का जमावड़ा लगा रहा। लोगों की निगाहें SDRF और गोताखोरों की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। इसी उम्मीद के बीच अमीरा देवी का शव नदी से निकाले जाने के बाद परिजन दहाड़ मारकर रोने लगे। वहीं, परिजनों को अब भी प्रियंका के मिलने की आस है।
तीन महिलाएं हुई थीं लापता
बताया जाता है कि जमालपुर थाना क्षेत्र की कोसी नदी में बुधवार सुबह तेज धारा के कारण नाव डूब जाने से करीब 11 लोग नदी में गिर गए थे। इनमें से 8 लोग किसी तरह तैरकर बाहर निकल आए थे, जबकि तीन महिलाएं कंचन देवी, अमीरा देवी और प्रियंका कुमारी उर्फ नेहा—लापता हो गई थीं। मौके पर पहुंची SDRF की टीम ने बुधवार को करीब सात घंटे की मशक्कत के बाद कंचन देवी का शव घटना स्थल से लगभग पांच किलोमीटर दूर सहरसा जिले के जलई थाना क्षेत्र से बरामद किया था।
मूंग तोड़ने जा रही थीं महिलाएं
अमीरा देवी अपनी सास और भतीजी प्रियंका को लेकर मूंग तोड़ने खेत जा रही थीं। इसी दौरान कोसी नदी पार करते समय उनकी नाव तेज धारा में पलट गई। अमीरा की सास ने बताया कि जब नाव नदी में पलटी तो उन्होंने अपनी पुतोहु अमीरा का हाथ पकड़कर बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन वह उसे बचा नहीं सकीं।
नेहा और अमीरा को तैरना नहीं आता था
कुवौल गांव निवासी कंचन देवी ने बताया कि गांव की बेटी नेहा उर्फ प्रियंका अपनी चाची अमीरा देवी के साथ सुबह मूंग तोड़ने के लिए कोसी नदी के उस पार जा रही थी। इसी दौरान तेज धारा में नाव पलट गई। नाव पर प्रियंका और उसकी चाची के अलावा आठ-नौ अन्य लोग भी सवार थे। प्रियंका और अमीरा को तैरना नहीं आता था। इसी कारण वे कोसी नदी की तेज धारा और भंवर में फंसकर बह गईं।
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दूसरे दिन भी नहीं जले चूल्हे
घटना के बाद अमीरा देवी और प्रियंका के गांव में मातम का माहौल है। लोगों के घरों में दूसरे दिन भी चूल्हे नहीं जले हैं। ग्रामीणों और परिजनों की नजरें अब भी SDRF की टीम पर टिकी हुई हैं। सभी को प्रियंका के शव की बरामदगी का इंतजार है। परिजन प्रशासन और SDRF से लगातार तलाश अभियान तेज करने की गुहार लगा रहे हैं।