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Bihar: गरीब मजदूर के नाम पर 2 करोड़ का लोन, 14 फर्जी खातों से करोड़ों की ठगी, मैनेजर गिरफ्तार

Fri, 10 Apr 2026 05:35 PM IST
दरभंगा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दरभंगा

सार

Bihar: दरभंगा में IOB के सहायक प्रबंधक द्वारा एक व्यक्ति के नाम पर फर्जी खाते खोलकर करोड़ों रुपये के लोन घोटाले का खुलासा हुआ है। जांच में 14 खातों के जरिए धोखाधड़ी और बिचौलियों की संलिप्तता सामने आई है, जबकि पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है।
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सहायक प्रबंधक रवि राघवेंद्र - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दरभंगा में लोन फ्रॉड के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए साइबर थाना पुलिस ने इंडियन ओवरसीज बैंक (IOB) की दरभंगा शाखा के सहायक प्रबंधक रवि राघवेंद्र को गिरफ्तार कर लिया है। प्रबंधक के खिलाफ साइबर थाना कांड संख्या 25/26 के तहत मामला दर्ज किया गया है। इसमें गरीब मजदूर के नाम पर फर्जी तरीके से दो करोड़ रुपये का लोन निकालने का आरोप है।

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सहायक मैनेजर ने तैयार कराए थे फर्जी दस्तावेज
जांच में सामने आया है कि सहायक प्रबंधक फर्जी तरीके से 14 खातों का संचालन कर रहा था। एक व्यक्ति की कंपनी के नाम पर दो करोड़ रुपये ट्रांसफर किए जाने के प्रमाण भी मिले हैं। इतना ही नहीं, शिकायतकर्ता के नाम पर मिठाई की दुकान दिखाकर पूरी तरह से फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए थे।

कैसे हुआ मामले का खुलासा?
कुशेश्वरस्थान थाना क्षेत्र के केवटगामा निवासी राजकिशोर राय ने साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि वे अपने व्यवसाय के लिए बैंक से ऋण लेना चाहते थे। इसी दौरान गांव के ब्रजेश चौपाल उन्हें IOB शाखा ले गया, जहां उनसे आधार कार्ड और पैन कार्ड पर हस्ताक्षर करवाए गए और उनका मोबाइल फोन भी कुछ समय के लिए ले लिया गया। बाद में मोबाइल लौटाते हुए कहा गया कि उन्हें लोन नहीं मिल सकता।
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तीन लाख देकर मामला दबाने की कोशिश
मामले का खुलासा तब हुआ, जब बैंक अधिकारी उनके घर 18 लाख रुपये के लोन की किस्त मांगने पहुंचे। बैंक जाकर जानकारी लेने पर पता चला कि उनके नाम से एक बचत खाता और एक लोन खाता पहले से ही खुला हुआ है, जिनसे पूरी राशि निकाली जा चुकी है। जब उन्होंने बैंक के सहायक प्रबंधक से इस संबंध में जानकारी मांगी, तो मामले को दबाने के लिए बिचौलिये के माध्यम से 3 लाख रुपये देने का प्रस्ताव दिया गया। साथ ही 70 लाख रुपये की सब्सिडी दिलाने का लालच भी दिया गया।

पीड़ित ने दर्ज कराई FIR
खुद को पूरी तरह फंसा हुआ देखकर राजकिशोर राय ने दरभंगा साइबर थाना में प्राथमिकी संख्या 25/26 दर्ज कराई, जिसमें सहायक प्रबंधक को आरोपी बनाया गया। उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 312(4), 338, 340(2) और आईटी एक्ट की धारा 66(D) के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले की जांच पुलिस निरीक्षक स्तर के अधिकारी को सौंपी गई है और पूरे नेटवर्क की पड़ताल जारी है।

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मामले की जांच जारी
इस संबंध में साइबर डीएसपी बिपिन बिहारी ने बताया कि IOB के सहायक मैनेजर को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि कई अन्य लोगों के लोन खातों में भी इसी तरह की करोड़ों की धोखाधड़ी हुई है और अन्य मामलों की जांच जारी है।

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