कलेक्ट्रेट के सामने प्रदर्शन कर रही महिलाएं
अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ और बिहार राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के संयुक्त बैनर तले सरकारी विभागों में कार्यरत महिला कर्मियों ने महिला दिवस को प्रतिवाद दिवस के रूप में मनाया। इस मौके पर महिला कर्मियों ने शहर में जुलूस निकालकर कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में शामिल महिलाओं का कहना था कि महिलाएं आजकल हर क्षेत्र में शोषण का शिकार हो रही हैं, चाहे वह कार्यस्थल हो, घर हो या सड़क।
सरकारी महिला कर्मियों ने मनाया प्रतिवाद दिवस
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बिहार राज्य और अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ की अध्यक्ष अवलेश कुमारी ने कहा कि महिलाएं आज भी अबला बनी हुई हैं। कार्यस्थल पर उनकी सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं है। महिलाओं पर अत्याचार, शोषण और यौन शोषण जैसे हमले हो रहे हैं। महिलाओं के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं को रोजगार में समान अवसर मुहैया कराया जाना चाहिए और लैंगिक भेदभाव पर रोक लगाने के लिए एक कमेटी का गठन किया जाना चाहिए।
महिला दिवस पर कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन
इसके बाद महिला कर्मचारियों ने महासंघ स्थल पर एक सभा का आयोजन भी किया। इस सभा को बिहार राज्य और अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के जिला मंत्री राजीव रंजन ने संबोधित करते हुए कहा कि स्वास्थ्य विभाग में 80% महिलाएं कार्यरत हैं, जिनकी पोस्टिंग अक्सर घर से दूर देहाती इलाकों में होती है। लेकिन वहां पर उनकी सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि महिला कर्मियों को पूर्ण सुरक्षा की गारंटी मिलनी चाहिए। साथ ही, कार्य के दौरान उनके साथ भेदभाव भी किया जाता है। उन्होंने कहा कि जब तक महिलाओं को सही सम्मान नहीं मिलता, तब तक महिला दिवस का कोई औचित्य नहीं है। इस कार्यक्रम को संयुक्त मंत्री वीरेंद्र कुमार सिंह, दीपक कुमार सिंह, अध्यक्ष रामनरेश दास, रंजना कुमारी, रेखा कुमारी, मंजू कुमारी, गीता कुमारी, आशा संघ की जिला मंत्री सुनीता कुमारी, पूजा भारती, मीनू कुमारी, प्रेम कुमारी, लक्ष्मी कुमारी समेत बड़ी संख्या में महिला कर्मियों ने संबोधित किया।