जिले के ताजपुर प्रखंड स्थित मोतीपुर सब्जी हब में टमाटर की इस बार बंपर पैदावार हुई है, लेकिन उचित मूल्य नहीं मिलने के कारण किसानों की मेहनत बर्बाद हो रही है। मंडी में टमाटर का भाव एक से दो रुपये प्रति किलो तक आ गया है, जिससे हताश किसान उपज खेतों में ही सड़ने को छोड़ रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए किसान सभा और भाकपा माले के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को मोतीपुर पहुंचकर किसानों से मिलकर उनकी समस्याएं सुनीं।
खेतों में ही सड़ रहे सैकड़ों क्विंटल टमाटर
किसान ब्रह्मदेव प्रसाद सिंह ने बताया कि महंगे बीज, खाद, सिंचाई और मजदूरी पर खर्च करने के बावजूद जब मंडी में दाम नहीं मिलता, तो फसल को खेत में ही सड़ने देना मजबूरी बन जाती है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में न तो कोल्ड स्टोरेज की व्यवस्था है और न ही कोई टमाटर आधारित प्रोसेसिंग यूनिट मौजूद है। किसान श्याम बाबू सिंह, हरिदेव सिंह, बखेरी सिंह, ललन दास और कृष्णदेव सिंह ने खेत में सड़ते टमाटर दिखाते हुए कहा कि ऐसी हालत में वे आगे टमाटर की खेती नहीं कर पाएंगे। कर्ज कैसे चुकाएं और अगली फसल की तैयारी कैसे करें यही सबसे बड़ी चिंता बन गई है।
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प्रोसेसिंग यूनिट की मांग
भाकपा माले के प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि चुनाव के समय किसान हित की बात करने वाले नेता आज चुप हैं। उन्होंने मांग की कि सरकार इस इलाके में कैचप, सॉस, चटनी और अचार बनाने वाली फैक्टरी की स्थापना करे, ताकि किसानों को हर साल इस तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
इलाके का प्रमुख मंडी है मोतीपुर
गौरतलब है कि मोतीपुर सब्जी मंडी समस्तीपुर जिले की प्रमुख मंडियों में से एक है। यहां से समस्तीपुर के साथ-साथ मुजफ्फरपुर, वैशाली और बेगूसराय जिलों के थोक व्यापारी सब्जी खरीदते हैं। लेकिन इस बार टमाटर के साथ ही पिछले साल बंधा गोभी और पत्ता गोभी की भी ऐसी ही दुर्गति हो चुकी है, जिससे किसानों की आर्थिक रीढ़ टूटती जा रही है।