समस्तीपुर जिले के चकमेहसी थाना क्षेत्र के नामापुर तरियापुर गांव में अवैध शराब कारोबारी प्रभात चौधरी और उसके सहयोगी सन्नी की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या किए जाने के मामले में पुलिस को पहली बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने इस मामले में नामजद आरोपी रमण ठाकुर, जो स्थानीय मुखिया का पुत्र बताया जा रहा है, को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, मृतक के पिता की शिकायत पर 14 नामजद और छह अज्ञात आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस के अनुसार, फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) लगातार छापेमारी कर रही है। शुरुआती जांच में लेन-देन का विवाद, पुरानी रंजिश और वर्चस्व की लड़ाई जैसे कई पहलू सामने आए हैं।
पहले बुलाया फिर कर दी गई हत्या
मृतक प्रभात चौधरी के पिता संजय चौधरी ने प्राथमिकी में आरोप लगाया है कि मंगलवार शाम उनके पुत्र को एक युवक ने नामापुर तरियापुर गांव बुलाया था। वहां पहुंचते ही उस पर और उसके सहयोगी सन्नी पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाई गईं। घटनास्थल पर प्रभात की मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल सन्नी को अस्पताल ले जाया गया। यहां पर इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई।
छह अज्ञात पर हत्या का केस
पुलिस ने मृतक के पिता के आवेदन पर 14 नामजद और छह अज्ञात बदमाशों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। शिकायत में तीन लोगों पर हत्या की साजिश रचने का भी आरोप लगाया गया है। पुलिस सभी आरोपों की जांच कर रही है।
कोर्ट गोलीकांड की पुरानी रंजिश भी जांच के घेरे में
प्राथमिकी में यह भी उल्लेख किया गया है कि कुछ वर्ष पहले समस्तीपुर कोर्ट परिसर में प्रभात चौधरी पर जानलेवा हमला हुआ था। उस मामले में कई आरोपियों की गिरफ्तारी हुई थी। परिजनों ने आशंका जताई है कि पुराने विवाद से जुड़े कुछ लोगों की इस हत्याकांड में भी भूमिका हो सकती है। पुलिस इस दावे की भी जांच कर रही है।
ये भी पढ़ें-
बिपार्ड में सजी लोकतंत्र की 'पाठशाला', उपराष्ट्रपति; राज्यपाल और सीएम ने संयुक्त रूप से किया उद्घाटन
'जान को खतरा' बताकर मांगी थी सुरक्षा
परिजनों का दावा है कि प्रभात चौधरी ने करीब एक माह पहले अपनी जान को खतरा बताते हुए पुलिस अधिकारियों को आवेदन दिया था और कुछ लोगों पर आशंका जताई थी। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई होती तो इस वारदात को रोका जा सकता था। हालांकि, इस संबंध में पुलिस की ओर से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
मुखिया का बेटा गिरफ्तार
चकमेहसी थाना पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज होने के बाद नामजद आरोपी रमण ठाकुर को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए सदर एसडीपीओ-2 संजय कुमार के नेतृत्व में गठित एसआईटी लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।
डीआईजी बोले- लेन-देन का विवाद सामने आया
पुलिस उपमहानिरीक्षक मनोज कुमार तिवारी ने बताया कि शुरुआती जांच में हत्या के पीछे लेन-देन का विवाद प्रमुख कारण के रूप में सामने आया है। हालांकि, पुलिस पुरानी रंजिश, आपराधिक पृष्ठभूमि और अन्य संभावित कारणों की भी गहन जांच कर रही है। दो लोगों की हत्या से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। वहीं, पुलिस की जांच अब इस सवाल का भी जवाब तलाश रही है कि पहले मिली शिकायतों पर समय रहते कार्रवाई होती तो क्या इस वारदात को टाला जा सकता था।