भांग बेचने वालों के खिलाफ व्यवहार न्यायालय का सख्त फैसला
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बिहार के दरभंगा जिले में शराब कारोबारी तो कारावास की सजा मिलने की बात लोगों ने बहुत सुनी होगी लेकिन भांग बेचने वालों की भी खैर नहीं। दरभंगा व्यवहार न्यायालय में पहली बार किसी भांग बेचने वाले को पांच वर्ष कारावास और एक लाख रुपये अर्थदण्ड की सजा सुनाई गई है।
दरभंगा के व्यवहार न्यायालय ने उत्पाद अधिनियम के विशेष न्यायाधीश प्रथम सत्यभुषण आर्य की कोर्ट ने भांग बेचने वाले और शराब कारोबारियों को अलग- अलग तीन मामलों में सजा सूनाई है। उत्पाद विभाग के सहायक स्पेशल पी.पी. अभय पाठक ने बताया कि बहादुरपुर थाना क्षेत्र के बलभद्रपुर नवटोल के निवासी देवेन्द्र झा और मिथिलेश झा को भांग बेचने के आरोप में दोषी घोषित कर पांच साल की कारावास की सजा और एक एक लाख रुपये अर्थदण्ड की सजा सुनाई गई है। दोनों सजायाफ्ता को कोर्ट ने दरभंगा मंडल कारागार में भेज दिया।
वहीं, दूसरी तरफ सदर थानाकांड सं.209/23 के आरोपी सोनकी निवासी रवि जायसवाल को उत्पाद अधिनियम की धारा 30(a) में छह वर्षों का कारावास तथा एक लाख रुपये अर्थदंड की सजा सूनाई है। विशेष लोक अभियोजक हरेराम साहू ने कहा कि श्री आर्या की अदालत ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज होने के महज पांच माह 12 दिनों के अन्दर त्वरित सुनवाई पुरी कर अभियुक्त को सजा सुनाया है। अभियुक्त के घर से पुलिस ने 448 लीटर शराब बरामद किया।
तीसरे मामले में कोर्ट ने उत्पाद थानाकांड सं. 407/22 के नामजद अभियुक्त मब्बी ओपी क्षेत्र के हरिपुर निवासी राज कुमार मंडल को उत्पाद अधिनियम की धारा 30(a) में दोषी घोषित करते हुए छह वर्षों का सश्रम कारावास और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सूनाई है। जुर्माना राशि नहीं चुकाने पर सभी सजायाफ्ता अभियुक्त को छह-छह माह की कारावास भुगतने का प्रावधान किया गया है। भांग बेचने वालों को सुनाई गई सजा का असर भांग सेवन करने वाले उपभोक्ताओं पर भी पड़ेगा। शादियों से लेकर होली के दिन भांग का शर्बत बूढे़-बुजुर्ग पीते थे। अब भांग पीने वालों पर भी कानून का डंडा चलेगा और कानून की नजरों में पकड़े जाने पर जेल की हवा भी खानी पड़ेगी।