उत्तर प्रदेश के रायबरेली में पदस्थ एक न्यायाधीश से केदारनाथ यात्रा के लिए हेलीकॉप्टर बुकिंग के नाम पर साइबर अपराधियों ने 56 हजार रुपये की ठगी कर ली। मामले का खुलासा होने के बाद प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है। जज की शिकायत पर रायबरेली साइबर सेल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले की जांच शुरू की, जिसमें ठगी का लिंक बिहार के शेखपुरा जिले से जुड़ा पाया गया।
दरअसल, यह पूरा मामला रायबरेली के पॉक्सो कोर्ट के एक न्यायाधीश से जुड़ा है। 12 जून को न्यायाधीश ने ऑनलाइन हेलीकॉप्टर बुकिंग के लिए एक वेबसाइट के माध्यम से भुगतान किया था। लेकिन बाद में उन्हें महसूस हुआ कि उनके साथ धोखाधड़ी हुई है। उन्होंने 16 जून को साइबर थाना रायबरेली में प्राथमिकी दर्ज कराई। तकनीकी जांच में सामने आया कि ठगों का मोबाइल टावर लोकेशन शेखपुरा जिले के बरबीघा थाना क्षेत्र के नसरतपुर गांव में पाया गया। इसके बाद रायबरेली साइबर पुलिस की एक टीम रविवार को शेखपुरा पहुंची और स्थानीय पुलिस की मदद से छापेमारी कर आरोपी विकास कुमार (20 वर्ष), पिता मन्नू यादव को गिरफ्तार कर लिया।
बरबीघा थानाध्यक्ष गौरव कुमार ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी से सख्ती से पूछताछ की गई, जिसमें कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। विकास ने पुलिस को बताया कि वह एक अंतरराज्यीय साइबर ठग गिरोह का सदस्य है, जो फर्जी वेबसाइट बनाकर ठगी की वारदातों को अंजाम देता है। इस गिरोह में नालंदा, शेखपुरा और नवादा जिले के कई बदमाश शामिल हैं, जो फिलहाल फरार हैं।
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पुलिस ने आरोपी के पास से एक मोबाइल भी जब्त किया है, जिसमें कई फर्जी डेटा और ऑनलाइन ठगी से जुड़े साक्ष्य मिले हैं। मोबाइल की जांच में सामने आया है कि आरोपी अब तक लाखों रुपये की ठगी कर चुका है। फिलहाल यूपी पुलिस आरोपी को हिरासत में लेकर रायबरेली ले गई है। पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में छापेमारी जारी है।