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बालिका गृह रेप मामला: बच्चियों ने कोर्ट में सुनाई दर्दनाक कहानी

Fri, 27 Jul 2018 12:58 PM IST
क्राइम डेस्क, अमर उजाला
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बिहार के मुजफ्फरपुर के बालिका गृह रेप मामले में बच्चियों ने कोर्ट में अपनी आपबीती सुनाई। उन्होंने बताया कि किस प्रकार एनजीओ मालिक उनके साथ रेप करते और कराते थे। बता दें इस बालिका गृह में 7-14 आयु वर्ष की 42 बच्चियां रहती हैं। जब इनकी मेडिकल जांच कराई गई तो 29 बच्चियों के साथ रेप की पुष्टि हुई। 3 बच्चियों का गर्भपात कराया गया तथा 3 बच्चियां ऐसी हैं जो अभी भी गर्भवती हैं।

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एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पॉक्सो कोर्ट में बच्चियों ने अपने साथ हुई घटना की कहानी सुनाई। एक 10 साल की बच्ची ने कहा कि जैसे ही सूरज डूबता था, शाम होती थी, वैसे ही लड़कियां डर जाती थीं। कोर्ट में अन्य लड़कियों ने अपने बयान में बताया कि उनके साथ लगभग हर रोज रेप किया जाता था। रेप से पहले उन्हें इंजेक्शन आदि की सहायता से ड्रग्स दिए जाते थे, उन्हें भूखा रखा जाता था और उनके साथ मारपीट भी की जाती थी।

कोर्ट में अधिकतर लड़कियों ने बताया कि सबसे ज्यादा रेप एनजीओ का संचालक ब्रजेश ठाकुर करता था। बता दें इस संस्था का नाम सेवा संकल्प और विकास समिति है। पीड़ित लड़कियों ने बताया कि ब्रजेश को वहां हंटर वाले अंकल के नाम से जाना जाता था। एक 10 साल की बच्ची ने बताया कि अगर संचालक की बात न मानी जाती तो वह उन्हें छड़ी से पीटता था। 

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सीबीआई को दिए गए जांच के आदेश

एक 14 साल की बच्ची ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि जब भी वह कमरे में आता को वह सब डर जाती थीं। एक 10 साल की दूसरी रेप पीड़िता ने बताया कि उसका रेप करने से पहले उसे कई बार ड्रग्स दिया जाता था। जब भी वह उठती तो उसे नीजि अंगों में दर्द होता था। दरिंदों के बारे में बताते हुए एक सात साल की मासूम ने कहा कि उसके साथ भी कई बार रेप हुआ। साथ ही अगर वह कभी मालिक के खिलाफ बोलती तो उसे छड़ी से पीटा जाता था। मामले में अभी तक एनजीओ के संचालक ब्रजेश ठाकुर समेत दस लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

लड़कियों के बयान सुनकर हर कोई हैरान है। देश भर में इस घटना के बाद से रोष है। कोर्ट के सामने एक 10 साल की बच्ची बताती है कि उसके साथ एनजीओ के लोगों के अलावा कई बाहरी लोगों ने भी रेप किया। उसके निजी अंगों में जख्म हो गए जिस वजह से वह कई दिनों तक चल फिर भी नहीं पाई। उसने बताया कि नशे की हालत में उन्हें एनजीओ से बाहर ले जाया जाता था और वह अगले दिन लौटती थीं।

एक 11 साल की लड़की ने तो रेप आरोपी को मूंछ वाला और तोंद वाला अंकल कहकर पहचाना। एक अन्य मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पीड़िताओं ने राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष को आपबीती सुनाते हुए कहा कि उन्हें हर चार दिन में नशे की हालत में बाहर ले जाया जाता था। उन्हें कुछ नहीं बताया जाता कि उन्हें कहां और क्यों ले जाया जा रहा है। बच्चियां कहती हैं कि जब उनकी नींद खुलती थी तो उन्हें बहुत गुस्सा आता था पर वह कुछ नहीं कर पाती थीं। गौरतलब है कि बिहार सरकार ने मामले में सीबीआई जांच के आदेश दे दिए हैं।
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