एक 14 साल की बच्ची ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि जब भी वह कमरे में आता को वह सब डर जाती थीं। एक 10 साल की दूसरी रेप पीड़िता ने बताया कि उसका रेप करने से पहले उसे कई बार ड्रग्स दिया जाता था। जब भी वह उठती तो उसे नीजि अंगों में दर्द होता था। दरिंदों के बारे में बताते हुए एक सात साल की मासूम ने कहा कि उसके साथ भी कई बार रेप हुआ। साथ ही अगर वह कभी मालिक के खिलाफ बोलती तो उसे छड़ी से पीटा जाता था। मामले में अभी तक एनजीओ के संचालक ब्रजेश ठाकुर समेत दस लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
लड़कियों के बयान सुनकर हर कोई हैरान है। देश भर में इस घटना के बाद से रोष है। कोर्ट के सामने एक 10 साल की बच्ची बताती है कि उसके साथ एनजीओ के लोगों के अलावा कई बाहरी लोगों ने भी रेप किया। उसके निजी अंगों में जख्म हो गए जिस वजह से वह कई दिनों तक चल फिर भी नहीं पाई। उसने बताया कि नशे की हालत में उन्हें एनजीओ से बाहर ले जाया जाता था और वह अगले दिन लौटती थीं।
एक 11 साल की लड़की ने तो रेप आरोपी को मूंछ वाला और तोंद वाला अंकल कहकर पहचाना। एक अन्य मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पीड़िताओं ने राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष को आपबीती सुनाते हुए कहा कि उन्हें हर चार दिन में नशे की हालत में बाहर ले जाया जाता था। उन्हें कुछ नहीं बताया जाता कि उन्हें कहां और क्यों ले जाया जा रहा है। बच्चियां कहती हैं कि जब उनकी नींद खुलती थी तो उन्हें बहुत गुस्सा आता था पर वह कुछ नहीं कर पाती थीं। गौरतलब है कि बिहार सरकार ने मामले में सीबीआई जांच के आदेश दे दिए हैं।