अब इस मामले पर राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने संज्ञान लिया है और 48 घंटे के भीतर जांच रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए हैं। आरोप है कि 14 साल का पंकज कुमार पिछले तीन महीने से बेउर जेल में बंद है। उसने तीन महीने पहले मार्च में पुलिस वालों को मुफ्त सब्जी देने से इंकार कर दिया था। जिस कारण पुलिस ने उसे जेल में डाल दिया।
वहीं पंकज का आरोप है कि अगमकुआं थाना क्षेत्र के पुलिस कर्मियों को उसने मुफ्त में सब्जी देने से मना कर दिया था। जिसके बाद उस पर हमला किया गया और जबरन एक कागज पर हस्ताक्षर करने को कहा गया। यह बात उसने अपने पिता को बताई।
पीड़ित के पिता ने कहा कि उनके बेटे को जबरन जेल भेजा गया और किसी ने उनकी मदद नहीं की। उन्होंने कहा जब उन्हें 20 मार्च को अपने बेटे के बारे में पता चला तो उन्होंने मुख्यमंत्री, राज्यपाल और पुलिस अधिकारियों सहित सभी को खत लिखा। जिसके बाद सीएम ने मामले पर संज्ञान लिया।
वहीं दूसरी ओर पुलिस का दावा है कि उन्होंने पंकज को बाइक लिफ्ट गिरोह के साथ पकड़ा था। फिलहाल पटना के आईजी नैय्यर हसनैन खान का कहना है कि मामले की जांच के बाद आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।