इसके लिए संगठन की ओर से नक्सल प्रभावित इलाकों में बम प्लांट भी किए गए थे। लेकिन सुरक्षाबलों व स्थानीय पुलिस की सतर्कता से बम बरामद कर लिया गया था। चुनाव के बाद जैसे ही पुलिस की सक्रियता में थोड़ी कमी आई, माओवादियों ने बड़ी घटना को अंजाम देकर पुलिस को चुनौती दे डाली है।