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Bihar: डी राजा ने भाजपा-आरएसएस को हराने के लिए वामपंथी एकता का किया आह्वान, मोदी सरकार पर साधा निशाना

Fri, 11 Nov 2022 04:42 AM IST
देव कश्यप पीटीआई, पटना।

सार

पिछले महीने सीपीआई के महासचिव के रूप में फिर से चुने गए डी राजा ने कहा कि वर्तमान शासन बड़े कॉरपोरेट घरानों और फासीवादी, सांप्रदायिक ताकतों के अपवित्र गठबंधन का प्रतिनिधित्व करता है, जिसका प्रतिनिधित्व भाजपा- आरएसएस करते हैं। उन्होंने दलितों, आदिवासियों और अल्पसंख्यकों के खिलाफ अत्याचार की घटनाओं में वृद्धि पर चिंता व्यक्त की।
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भाकपा के महासचिव डी राजा। - फोटो : ANI (फाइल फोटो)
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भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के महासचिव डी राजा ने 2024 के लोकसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को हराने के लिए "एकजुट वामपंथी" के साथ "क्षेत्रीय और अन्य धर्मनिरपेक्ष दलों" के गठबंधन का गुरुवार को आह्वान किया। बिहार की राजधानी पटना में स्थित भाकपा के प्रदेश मुख्यालय में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए डी राजा ने आरोप लगाया कि भाजपा-राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) का गठजोड़ धर्मनिरपेक्षता व लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रहा है। 

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पिछले महीने सीपीआई के महासचिव के रूप में फिर से चुने गए अनुभवी नेता ने कहा कि वर्तमान शासन बड़े कॉरपोरेट घरानों और फासीवादी, सांप्रदायिक ताकतों के अपवित्र गठबंधन का प्रतिनिधित्व करता है, जिसका प्रतिनिधित्व भाजपा-आरएसएस करते हैं। उन्होंने दलितों, आदिवासियों और अल्पसंख्यकों के खिलाफ अत्याचार की घटनाओं में वृद्धि पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि नागरिकों के संवैधानिक और लोकतांत्रिक अधिकारों को कुचला जा रहा है। राजा ने आरोप लगाया कि रुपये का मूल्य गिर गया है। रुपया इतने निम्न स्तर पर पहुंच गया है कि इससे राष्ट्र के सम्मान को ठेस पहुंच रही है। 

वामपंथी नेता ने आरोप लगाया कि बेरोजगारी एक अभूतपूर्व स्तर पर है, और देश वैश्विक भूख सूचकांक में सबसे खराब स्थान वाले देशों में से एक है। लेकिन मोदी सरकार को इससे जरा भी फर्क नहीं पड़ता और निजीकरण के नाम पर बड़े व्यवसायों द्वारा राष्ट्रीय संपत्ति की लूट को सुविधाजनक बनाने में व्यस्त है।

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उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार संविधान और भारत के चरित्र को बदलने पर तुली हुई है, जो संविधान के अनुसार एक धर्मनिरपेक्ष, कल्याणकारी और संघीय राष्ट्र है। मोदी सरकार देश को सांप्रदायिक और फासीवादी रास्ते पर ले जाना चाहती है। राजा ने कहा कि उनकी पार्टी ने सभी वाम दलों से वामपंथी एकता को मजबूत करने की अपील की है, क्योंकि भाजपा के खिलाफ मजबूत लड़ाई के लिए कम्युनिस्ट आंदोलन की एकता महत्वपूर्ण है।

वामपंथी नेता ने कहा कि पितृसत्ता और वर्ग विभाजन को कायम रखने की कोशिश करने वाली ताकतों को हराने के लिए वाम दलों को एक साथ आना चाहिए। उन्होंने धर्मनिरपेक्ष दलों, क्षेत्रीय दलों, वामपंथी ताकतों और सामाजिक ताकतों से एकजुट होकर भाजपा के खिलाफ संघर्ष तेज करने का आह्वान किया ताकि 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को सत्ता से हटाया जा सके।

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