कोरोना वायरस बिहार में भी धीरे-धीरे पांव पसार रहा है। मंगलवार को बिहार के गोपालगंज जिले में कोरोना का एक नया मामला सामने आया है। इसी के साथ बिहार में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले बढ़ कर 16 हो गए हैं।
राजेंद्र मेमोरियल रिसर्च इन्स्टीट्यूट (आरएमआरआई) के निदेशक डॉ. प्रदीप दास ने मंगलवार को बताया कि दुबई से लौटा गोपालगंज निवासी 35 वर्षीय एक व्यक्ति कोरोना वायरस पॉजिटिव पाया गया है।उन्होंने बताया कि 90 संदिग्ध मामलों की आरएमआरआई में जांच की जा रही है।
बिहार में सोमवार तक कोरोना वायरस के 1051 संदिग्ध नमूनों की जांच की गई थी जिसमें से अब तक 16 पॉजिटिव पाए गए हैं। कतर से लौटे मुंगेर निवासी एक व्यक्ति की गत 21 मार्च को पटना एम्स में मौत हो गई थी। पटना निवासी एक महिला जो 21 मार्च को अस्पताल में भर्ती हुई थीं उन्हें सोमवार को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
उन्होंने बताया कि पटना एम्स में आब्जर्वेशन में वर्तमान में रखे गए छह अन्य मरीजों की भी रिर्पोट निगेटिव आई है, जिनमें से तीन को आज तथा तीन अन्य को अगले दो दिनों के भीतर छुट्टी दे दी जाएगी।
कोरोना संदिग्ध की सूचना देने पर पीट-पीटकर मार डाला
सीतामढ़ी जिले में कोरोना वायरस के एक संदिग्ध के बारे में प्रशासन को जानकारी देने वाले युवक को अपनी जान गंवानी पड़ी। जिले के रुन्नीसैदपुर थाना के मधौल गांव में प्रशासन को सूचना देने के कारण एक युवक की पीट- पीटकर हत्या कर दी गई। बताया जा रहा है कि युवक की हत्या करने वाले उससे इसलिए नाराज थे, क्योंकि उसने कोरोना वायरस से संक्रमित होने की सूचना मेडिकल हेल्पलाइन नंबर पर दे दी थी।
युवक ने महाराष्ट्र से लौटे दो लोगों के कोरोना वायरस के संदिग्ध मरीज होने की सूचना मेडिकल टीम को दी थी। उसकी सूचना पर मेडिकल टीम गांव में पहुंची और दोनों युवक को जांच के लिए लेकर गई। जांच के बाद कोरोना वायरस की पुष्टि नहीं होने पर दोनों को छोड़ दिया गया।
घर पहुंचते ही दोनों ने अपने परिवार के बाकी लोगों के साथ मिलकर मेडिकल हेल्पलाइन टीम को सूचना देने वाले युवक को पीटकर गंभीर रूप घायल कर दिया। जिसको रुन्नीसैदपुर पीएचसी मे भर्ती कराया गया, लेकिन इसकी गंभीर हालत को देख डॉक्टरों ने उसे बेहतर इलाज के लिए मुजफ्फरपुर रेफर कर दिया। मुजफ्फरपुर एसकेएमसीएच में ले जाने के दौरान उसकी मौत हो गई।