बिहार में पटना के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में एक 21 साल के कोरोना वायरस के मरीज ने अस्पताल की छत से कूदकर आत्महत्या कर ली। शनिवार को एक अधिकारी ने कहा कि कोरोना संक्रमित पाए जाने की वजह से उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था जिसके बाद शुक्रवार को उसने आत्महत्या कर ली।
अस्पताल में कोरोना वायरस संक्रमित मरीज द्वारा आत्महत्या करने का यह दूसरा मामला है। कोरोना के नोडल अधिकारी डॉ संजीव कुमार ने कहा कि पटना जिले के बिहटा के रहने वाले राहुल कुमार ने शुक्रवार शाम अस्पताल में इंडोर पेशेंट बिल्डिंग की तीसरी मंजिल से छलांग लगा दी।
उन्होंने कहा कि राहुल को 20 जुलाई को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, उसका का कोई अन्य मेडिकल इतिहास नहीं था। डॉ कुमार ने कहा कि हो सकता है कोरोना वायरस संक्रमण के लिए पॉजिटिव परीक्षण करने के बाद से युवा डिप्रेशन में हो, जिसकी वजह से उसने यह कदम उठाया।
बता दें कि कोरोना मरीज का यह पटना एम्स में दूसरा और राज्य में तीसरा आत्महत्या का मामला है। इससे पहले अस्पताल के खाली कमरे में फांसी लगाने के बाद 22 जून को एक 32 वर्षीय मरीज की मौत हो गई थी। 30 वर्षीय एक प्रवासी श्रमिक, जो दिल्ली से लौटा था, उसने 20 मई को वैशाली जिले के हाजीपुर में एक क्वारंटीन केंद्र पर फांसी लगा ली थी।