कांग्रेस और राजद के बीच मंगलवार को सोशल मीडिया पर तेजस्वी यादव के इस सुझाव पर तीखी नोकझोंक हो गई कि सबसे पुरानी पार्टी को उन 200 से अधिक सीटों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, जिन पर वह भगवा पार्टी के साथ सीधे लड़ाई में है। राज्यों में जहां क्षेत्रीय दल मजबूत हैं, वहां उसे पीछे रहना चाहिए। तेजस्वी यादव की टिप्पणी पर आपत्ति जताते हुए कांग्रेस के राष्ट्रीय संयोजक, सोशल मीडिया विभाग सरल पटेल ने तीखे शब्दों में ट्वीट किया, कांग्रेस को आपकी सलाह की जरूरत नहीं है, अपनी सलाह अपने पास रखें। उन्होंने कहा कि पार्टी को क्या करना चाहिए, इसके लिए कांग्रेस काफी है।
राजद ने उड़ाया कांग्रेस का मजाक
पटेल के ट्वीट पर प्रतिक्रिया देते हुए राजद के सोशल मीडिया संयोजक आकाश ने कहा, हां, यह सही है! कांग्रेस यह सोचने में इतनी सक्षम है कि उसे क्या करना चाहिए कि वह चुनाव में नोटा के खिलाफ युद्ध लड़ रही है। उन्होंने हाल ही में हुए बोचाहा विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस की करारी हार का जिक्र करते हुए कहा कि इस अहंकार ने इसे नोटा से भी कम कर दिया है।
राजद नेता ने पूछा, क्या आपके पास बिहार पर या इस मुद्दे पर कुछ भी तय करने की एक प्रतिशत क्षमता भी है या आप अनावश्यक रूप से ज्ञान साझा कर रहे हैं। तेजस्वी यादव ने सोमवार को 2024 के आम चुनावों में भाजपा का मुकाबला करने के लिए एक विपक्षी गठबंधन को मजबूत करने का आह्वान किया था। उन्होंने सुझाव दिया था कि कांग्रेस को 200 से अधिक सीटों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, जिस पर वह भगवा पार्टी के साथ सीधे लड़ाई में है। उन राज्यों में जहां क्षेत्रीय दल एक बड़ी ताकत हैं, कांग्रेस को बैकसीट पर रहना चाहिए।
तेजप्रताप के इस्तीफे की धमकी के बाद बयानबाजी शुरू
इस बीच तेजप्रताप यादव द्वारा सोमवार को इस्तीफा देने का इरादा जताए जाने के बाद बिहार में मंगलवार को राजनीतिक बयानबाजी शुरू हो गई। लालू के छोटे पुत्र और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी ने कहा कि मामले की जांच की जाएगी। वहीं, सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन ने इसे राजनीतिक नाटक करार दिया और संदेह जताया कि तेजप्रताप अपने बयान से पलटी मार जाएंगे।