बिहार सरकार ने शहरी विकास को सुव्यवस्थित करने के लिए बड़ा फैसला लिया है। पटना समेत 11 टाउनशिप क्षेत्रों में मास्टर प्लान लागू होने तक जमीन की खरीद-बिक्री, हस्तांतरण और निर्माण कार्यों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है।
बिहार सरकार के नगर विकास एवं आवास विभाग ने राज्य में नियोजित शहरीकरण को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया है। नगर एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार ने कहा कि बिहार शहरी आयोजना तथा विकास अधिनियम, 2012 के तहत पटना, सोनपुर, गया, दरभंगा, सहरसा, पूर्णिया और मुंगेर के चिन्हित टाउनशिप क्षेत्रों में मास्टर प्लान अधिसूचित किए जाने तक सभी प्रकार के भूमि क्रय-विक्रय, हस्तांतरण और भवन निर्माण कार्यों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है।
मास्टर प्लान तैयार होने तक लागू रहेगी रोक
मुजफ्फरपुर, छपरा, भागलपुर और सीतामढ़ी (सीतापुरम) के टाउनशिप क्षेत्रों में भी योजना क्षेत्र के विस्तार के तहत मास्टर प्लान तैयार होने तक 30 जून 2027 तक इसी तरह की रोक लागू रहेगी। सरकार ने इन सभी 11 टाउनशिप क्षेत्रों के नाम और उनके कोर व विशेष क्षेत्रों की स्वीकृति भी प्रदान कर दी है।