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जाति आधारित जनगणना: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बोले, फैसला लेने के लिए जल्द होगा सर्वदलीय बैठक का आयोजन

Fri, 19 Nov 2021 10:04 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

जाति आधारित जनगणना पर केंद्र की भाजपा सरकार से अलग रुख रखने वाले बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि इस पर फैसला लेने के लिए जल्द ही एक सर्वदलीय बैठक बुलाई जाएगी। इसमें इस मुद्दे पर सर्वसम्मति से कोई फैसला लिया जाएगा।
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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को कहा कि राज्य में जाति आधारित जनगणना कराने पर फैसला लेने के लिए जल्द ही एक सर्वदलीय बैठक का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मैं पहले भी यह बात स्पष्ट कर चुका हूं कि राज्य विशिष्ट जनगणना कराने का विकल्प हमारे सामने खुला हुआ है। नीतीश कुमार पहले भी जाति जनगणना को समय की मांग बताते हुए इसके प्रति अपना समर्थन जता चुके हैं।

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उन्होंने कहा, 'हम (सभी राजनीतिक दल) जल्द ही इस मामले पर चर्चा करेंगे। इस अभ्यास के लिए सभी की सहमति के साथ फैसले पर पहुंचने के लिए जल्द ही एक सर्वदलीय बैठक बुलाई जाएगी। जो भी फैसला होगा वह सर्वसम्मति से ही लिया जाएगा।' इससे पहले जाति जनगणना में ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) को शामिल करने की मांग के साथ एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के नेता के तौर पर प्रधानमंत्री मोदी से मिले थे।

लालू यादव के आंदोलन करने के बयान पर क्या बोले नीतीश
वहीं, राजद प्रमुख लालू यादव की इस टिप्पणी पर कि जाति आधारित जनगणना के लिए किसानों के आंदोलन की तरह ही एक देशव्यापी आंदोलन की जरूरत है, नीतीश कुमार ने कहा कि मैं नहीं जानता कि उन्होंने (लालू यादव ने) क्या कहा है। लेकिन इस पर जल्द ही एक निर्णय लिया जाएगा। राजद समेत सभी राजनीतिक दलों के नेता साथ बैठेंगे और बिहार में जाति आधारित जनगणना की मांग पर विचार-विमर्श करेंगे।
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केंद्र ने जाति जनगणना को बताया है बोझिल और कठिन काम
जाति आधारित जनगणना की मांग को लेकर केंद्र सरकार ने इस साल सितंबर में सुप्रीम कोर्ट में एक हलफनामा दाखिल किया था। इसमें केंद्र की भाजपा सरकार ने कहा था कि जाति पिछड़े वर्ग की आधारित जनगणना करवाना प्रशासनिक रूप से कठिन और बोझिल काम है। केंद्र सरकार ने अपने हलफनामे में यह भी कहा था कि इस तरह की जानकारी को अभ्यास के दायरे से बाहर करना एक सचेत नीति वाला फैसला है।

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