बिहार की सियासत की तपिश इन दिनों एक बार फिर से अपने चरम पर है। भाजपा और जदयू के गठबंधन टूटने की भी संभावना जताई जा रही है। दरअसल, इस राजनीतिक उठापटक के पीछे जदयू के पूर्व नेता आरसीपी सिंह का नाम सामने आ रहा है। जेडीयू ने आरोप लगाया है कि आरसीपी सिंह नीतीश कुमार के खिलाफ षडयंत्र रच रहे थे। जेडीयू के वर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह ने आरसीपी सिंह को भाजपा का चिराग मॉडल तक बता दिया है। जिसके बाद भड़के लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने जद (यू) पर निशाना साधा है। इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि अगर उन्हें अपने मॉडल पर इतना ही भरोसा और उनमें हिम्मत है तो अपने मॉडल पर चुनाव लड़कर दिखाएं।
अपने पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष आरसीपी सिंह का नीतीश ने किया अपमान
उन्होंने आरोप लगाया कि सीएम नीतीश कुमार ने जद (यू) के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष आरसीपी सिंह का अपमान किया है। इतना ही नहीं वे पहले शरद यादव और जॉर्ज फर्नांडीस को भी अपमानित कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि सीएम पूर्व अध्यक्ष पर सेंध लगाने की साजिश में शामिल होने का आरोप लगाने के बजाय सीधे भाजपा से भिड़ें। चिराग ने आगे कहा कि मुख्यमंत्री को "मुझसे ज्यादा अपने करीबी सहयोगियों से ज्यादा खतरे" का सामना करना पड़ा। पासवान ने कहा कि इससे पहले किसी ने भी किसी पार्टी के अपने पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए नहीं सुना।
सत्ता के लोभ का लगाया आरोप
चिराग पासवान ने नीतीश कुमार पर सत्ता के लोभ का आरोप लगाते हुए कहा कि वे सत्ता के लिए जंगलराज को भूल जाते हैं। उन्होंने कहा कि मैंने अपने दिवंगत पिता से सीखे मूल्यों के अनुसार काम किया, जिन्हें मुख्यमंत्री ने कभी सम्मान नहीं दिया। जद (यू) को मेरे खिलाफ आरोप लगाना बंद कर देना चाहिए और अगर उसे संदेह है कि भाजपा ने साजिश रची है, तो उसे इस पर कार्रवाई करनी चाहिए।
क्यों नहीं गए नीति आयोग की बैठक में?
इस दौरान उन्होंने सीएम नीतीश कुमार के नीति आयोग की बैठक में शामिल ना होने पर भी सवाल खड़े किेए। उन्होंने पूछा कि नीति आयोग की बैठक में नीतीश कुमार क्यों नहीं गए ? ममता बनर्जी और अरविंद केजरीवाल नीति आयोग की बैठक में शामिल हुए, लेकिन मोदी के डर से नीतीश कुमार नीति आयोग की बैठक में नहीं गए। यह उनके लिए प्रधानमंत्री के सामने राज्य की मांगों को रखने का एक अवसर था। मोदी का विरोध करते-करते नीतीश कुमार बिहार की जनता का विरोध करने लगे हैं। इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि अगर उनमें हिम्मत है तो अपने मॉडल पर चुनाव लड़कर दिखाएं।
ट्वीट के जरिए व्यक्त की थी नाराजगी
इससे पहले ट्वीट करके चिराग पासवान ने ललन सिंह के बयान पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि मैं सकारात्मक राजनीति करता हूं। किसी का कोई मॉडल नहीं हूं। दूसरे का घर तोड़ने वाले के घर में ही आज फूट हो गई है। बेहतर होगा कि वे कारणों को बाहर चौराहे पर ना तलाशे। आज नीतीश कुमार यही कहना चाह रहे हैं कि मेरे नाक के नीचे आरसीपी सिंह भ्रष्टाचार करते रहे और फिर भी आप सुशासन बाबू कहलाते हैं। बिहार की जनता के साथ ये सरासार धोखा है और इसका जवाब बिहार की जनता ही देगी।
मामा कंस की तरह मां देवकी के हर पुत्र को मार देना चाहते हैं नीतीश: चिराग
चिराग ने आगे कहा कि नीतीश जी साल 2020 में भी कंफ्यूजन में थे और आज भी कंफ्यूज्ड हैं। उन्हें चिराग पासवान ने नहीं-बिहार की 13 करोड़ जनता ने हराया था। मैं तो जनभावनाओं का प्रतिनिधि तब भी था और आज भी हूं। 2024 में हार का डर ऐसा घुस गया है कि मामा कंस की तरह मां देवकी के हर पुत्र को मार देना चाहते हैं। पहले मुझ पर हमला और अब आरसीपी सिंह पर। नहीं जानते कि सियासी वध के लिए कृष्ण ने अवतार ले लिया है। इसबार पाला बदलना भी काम नहीं आएगा। ये तीन योद्धा जो बैठे थे। इनका ट्रैक रिकॉर्ड देखने के लिए ज्यादा पीछे जाने की जरूरत नहीं है। आसानी से पता चल जाएगा कि सीएम नीतीश को दरअसल डरना किससे चाहिए।