कांग्रेस ने बिहार के राजनीतिक हालात पर चर्चा के लिए सोमवार को राज्य में अपने विधायक दल की बैठक बुलाई है और अगर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भाजपा से नाता तोड़ लिया तो विपक्षी खेमे में उनका स्वागत करेंगे। पार्टी सूत्रों ने यह बात कही।
कांग्रेस ने बिहार के राजनीतिक हालात पर चर्चा के लिए सोमवार को राज्य में अपने विधायक दल की बैठक बुलाई है और अगर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भाजपा से नाता तोड़ लिया तो विपक्षी खेमे में उनका स्वागत करेंगे। पार्टी सूत्रों ने यह बात कही।
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अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव और विधायक शकील अहमद खान ने कहा कि बैठक कांग्रेस विधायक दल के नेता अजीत शर्मा के आवास पर होगी और इसमें बिहार के पार्टी प्रभारी भक्त चरण दास के शामिल होने की संभावना है।
उन्होंने कहा, हम हमेशा मानते हैं कि समान विचारधारा वाले दलों को एक साथ आना चाहिए। समाजवादी विचारधारा में विश्वास रखने वाले मुख्यमंत्री की जदयू अगर भाजपा को छोड़ती है तो हम निश्चित रूप से उनका स्वागत करेंगे। लेकिन ये शुरुआती दिन हैं, हम शाम को बैठक में स्थिति पर चर्चा करेंगे।
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खान से जब इस पर टिप्पणी करने के लिए कहा गया कि नीतीश कुमार ने एआईसीसी अध्यक्ष सोनिया गांधी से फोन पर बात की तो उन्होंने कहा कि मैं इसकी पुष्टि नहीं कर सकता। ऐसे मामलों पर केवल पार्टी के शीर्ष नेता ही टिप्पणी कर सकते हैं।
हालांकि, उन्होंने राजद और वामदलों के साथ कांग्रेस के मनमुटाव के सवालों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि संयुक्त विपक्ष ने रविवार के प्रतिरोध मार्च में तहे दिल से हिस्सा लिया।
यह पूछे जाने पर कि क्या कांग्रेस, नीतीश कुमार या राजद के तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री पद के लिए समर्थन देगी, खान ने कहा, यह एक समय से पहले का सवाल है। सबसे पहले, नीतीश कुमार आधिकारिक तौर पर घोषणा करें कि भाजपा के साथ उनका गठजोड़ खत्म हो गया है।