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बिहार के मंत्री आलोक मेहता को धमकी: ....पांडेय, ....त्रिपाठी ने कॉल कर जातिसूचक शब्द कहे, नीतीश पता करा रहे

Tue, 24 Jan 2023 12:05 PM IST
कुमार जितेंद्र ज्योति न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

Threat Call to Minister Alok Mehta : बिहार में राष्ट्रीय जनता दल के कोटे से राजस्व एवं भूमि सुधार तथा गन्ना उद्योग मंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे मंत्री आलोक मेहता को जातिसूचक शब्दों के साथ भद्दी गालियां दी गईं। जान से मारने की धमकी दी गई। 
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आलोक मेहता ने थाने में दिया लिखित आवेदन। - फोटो : अमर उजाला
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बिहार में राष्ट्रीय जनता दल के कोटे से राजस्व एवं भूमि सुधार तथा गन्ना उद्योग मंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे मंत्री आलोक मेहता को जातिसूचक शब्दों के साथ भद्दी गालियां दी गईं। जान से मारने की धमकी दी गई। कॉल काटने के बाद बार-बार कॉल किया गया। उस नंबर को ब्लॉक कर दिया तो दूसरे नंबर से कॉल आने लगा। बिहार विधानसभा के ठीक सामने स्थित सचिवालय थाने में मंत्री आलोक मेहता की ओर से इस वाकये पर प्राथमिकी के साथ सुरक्षा व्यवस्था के लिए आवेदन लिखा है। आलोक मेहता आमतौर पर विवादों में नहीं रहते हैं, लेकिन पिछले दिनों भागलपुर में यह कहकर सुर्खियों में आ गए कि 90% आबादी का शोषण 10% लोग सदियों से करते आ रहे हैं। इस बयान में उन्होंने 'ब्राह्मणवादी' सोच का जिक्र किया था। 23 जनवरी को लिखा यह आवेदन 24 जनवरी को सुबह सवा 10 बजे तक सचिवालय थाने में नहीं पहुंचा था, हालांकि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि उन्हें जानकारी मिली है और उन्होंने आला अफसरों को तत्काल जांच कराने के लिए कहा है।

किसका कॉल आने से मंत्री हुए परेशान
मंत्री आलोक मेहता की ओर से सचिवालय थाने को लिखे आवेदन के अनुसार, 23 जनवरी को अपराह्न 3:14 बजे उनके सरकारी मोबाइल नंबर पर 9140245089 से कॉल करने वाले ने उन्हें जातिसूचक शब्दों के साथ भद्दी गालियां दीं और जान से मारने की धमकी दी। मंत्री के मोबाइल के एप ने कॉलर का नाम दीपक पांडेय बताया। इस कॉल को जब मंत्री ने डिस्कनेक्ट कर दिया तो बार-बार उसी नंबर से कॉल आने लगा। जब उस नंबर को ब्लॉक कर दिया तो दूसरे नंबर 9648076657 से उसी आदमी ने कॉल करना शुरू किया। एप में इस बार नाम पप्पू त्रिपाठी बता रहा था। मंत्री आलोेक मेहता ने जान की जातिसूचक शब्दों के साथ गाली देने और जान से मारने की धमकी देने पर इन दोनों नंबर वाले पर कानूनी कार्रवाई के लिए पुलिस को आवेदन दिया है। आवेदन में धमकी को देखते हुए आवश्यक सुरक्षात्मक सतर्कता एवं इंतजाम की भी गुजारिश की गई है।
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बयान पर कॉल के कारण सुरक्षा बढ़ेगी
मंत्री आलोक मेहता ने ब्राह्मणवाद को लेकर भागलपुर में जो बयान दिया, उसपर अगले दिन मुजफ्फरपुर में सफाई भी दी कि वह दिवंगत जगदेव प्रसाद की बातों को दुहरा रहे थे। हालांकि, उनकी यह सफाई सोमवार को तब बेकार नजर आई, जब सत्तारूढ़ जनता दल यूनाईटेड के प्रदेश उपाध्यक्ष संजय सिंह की ओर से आयोजित महाराणा प्रताप शौर्य दिवस के मंच से मेहता का नाम लिए बगैर उन्हें खरी-खोटी सुना दी गई। कहा गया कि 10% वालों की आबादी 10% इसलिए रह गई, क्योंकि 90% वाले घर में आराम कर रहे थे और 10% सीने पर कभी मुगलों का वार झेल रहे थे तो कभी अंग्रेजों की गोलियां झेल रहे थे। मेहता के बयान से सवर्णों में नाराजगी है और सोमवार को धमकी भरे कॉल की सूचना मुख्यमंत्री तक पहुंचने के बाद उनकी सुरक्षा बढ़ाने पर पुलिस विभाग विचार कर रहा है।

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