आईपीएस विकास वैभव की भाषा और इन शब्दों में बहुत गहराई है, दर्द है।
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प्रेरणास्रोत बने IPS अफसर 114 दिन से बर्दाश्त कर रहे
लेट्स इंस्पायर बिहार के जरिए बिहार के युवाओं को बिहारी अस्मिता की याद दिलाते हुए भविष्य सुधारने के लिए प्रेरित कर रहे सीनियर IPS अधिकारी का सोशल मीडिया पोस्ट हमेशा से संतुलित रहता है। बुधवार की आधी रात के बाद जब सोशल मीडिया पर उन्होंने यह खुलासा किया तो माहौल बिगड़ने की आशंका से खुद उसे हटा दिया। Bihar Mob Lynching के शिकार एक और युवक की मौत के कारण 'अमर उजाला’ की टीम बुधवार रात सोशल मीडिया पर भी एक्टिव थी, तभी यह पोस्ट दिखे और कुछ देर बाद हट गए। यह पोस्ट बता रहे कि IG विकास वैभव 114 दिनों से बहुत कुछ बर्दाश्त कर रहे थे, लेकिन जब गालियां मां-बहन पर आईं तो लिखने को मजबूर हुए।
आईजी विकास वैभव ने सोशल मीडिया पर यह लिखा, फिर डिलीट कर दिया।
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क्या लिखा IG विकास वैभव ने और क्यों लिखना पड़ा
IG विकास वैभव का सोशल मीडिया पोस्ट बता रहा है कि अपने 1990 बैच के ही IPS अधिकारी राजविंदर सिंह भट्ठी को बिहार बुलाकर DGP बनाए जाने के बाद से DG शोभा अहोटकर सदमे में हैं। आंध्र प्रदेश की मूल निवासी अहोटकर बिहार की नीतीश सरकार में गैर-बिहारियों को आगे बढ़ाए जाने की परंपरा से परिचित थीं, लेकिन उन्हें उम्मीद नहीं थी कि DGP की अहम जिम्मेदारी उन्हें नहीं मिलेगी। लेकिन, जब उन्हें बिहार के पुलिस कप्तान का पद नहीं मिला तो वह बिहारियों को खुलकर गालियां देने लगी हैं। पोस्ट यह भी बता रहा है कि चर्चित आईपीएस अधिकारी विकास वैभव को यहां पोस्टिंग के साथ ही प्रताड़ित किया जाने लगा।
बाकी सारे पोस्ट डिलीट हुए, मगर यह बचा हुआ भी बहुत कुछ कह रहा है।
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