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बिहार: बजट में शिक्षा, सड़क व कृषि पर फोकस

Fri, 22 Feb 2013 11:10 AM IST
पटना/इंटरनेट डेस्क
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बिहार विधानसभा में राज्य सरकार की ओर से उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने गुरूवार को वित्तीय वर्ष 2013-2014 का बजट पेश किया। कुल बजट 92,087.93 करोड़ रुपये का पेश किया गया। बजट में सरकार ने शिक्षा पर सबसे अधिक खर्च करने का निश्चय किया है। कृषि और सड़क भी सरकार की प्राथमिकता में हैं। साथ ही अब राज्य में बीड़ी, सिगरेट, शराब पर टैक्स की दरें बढ़ेंगी। वर्ष 2012-13 के मुकाबले इस बार बजट के आकार में 17.03 फीसदी की बढ़ोतरी की गयी है।
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आय बढ़ाने के लिये राज्य सरकार ने बजट में टैक्स बढ़ाने के कुछ नये उपाय ढूंढें हैं। राज्य में मोटरसाइकिल और कार महंगी हो जायेंगी। बसों का सफर भी महंगा हो जायेगा। बीड़ी, सिगरेट, शराब और तंबाकू निर्मित उत्पाद भी महंगे होंगे। बीड़ी पर वैट पांच प्रतिशत से बढ़ा कर 13.5 प्रतिशत कर दिया गया है। अन्य तंबाकू उत्पादों पर 30 प्रतिशत टैक्स लगेगा। दूसरे राज्यों से आने वाले फर्नीचर, लिफ्ट, एलिवेटर, बैटरी व बैटरी चाजर्र पर अब प्रवेश कर लेगा, जबकि ट्रांसफॉर्मर, ट्रांसमिशन टावर व यूपीएस पर टैक्स की दर बढ़ा कर 13.5 प्रतिशत कर दी गयी है।

वहीं, दूसरी ओर मरीजों के लिए ऑक्सीजन, पूजा के लिए नारियल और नॉन इंसेंस अगरबत्ती, राजमा, कुर्थी व मटर सस्ते हो जायेंगे। नये वित्तीय वर्ष से इन पर टैक्स नहीं लगेगा। उपमुख्यमंत्री ने बताया कि कुटिर उद्योग को राहत देने के लिए नॉनइंसेंस अगरबत्ती और नारियल को कर मुक्त किया गया है।
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उपमुख्यमंत्री ने बजट पेश करते हुए कहा कि सरकार ने तय किया है कि प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में पैसों की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। अगले साल का योजना आकार 34,000 करोड़ रुपये का होगा। केंद्र से राज्य को 37,980 करोड़ रुपये करों में हिस्सेदारी के तौर पर मिलेंगे जबकि केंद्र से 17,706 करोड़ का ग्रांट मिलेगा। राज्य सरकार का अपना राजस्व 20,962 करोड़ होने का अनुमान किया गया है। राज्य कर्मियों के वेतन, पेंशन, सड़कों के रख-रखाव सहित अन्य मदों में 73,257 करोड़ खर्च होंगे जबकि नयी योजनाओं पर 18,830 करोड़ रुपये जाएंगे। नौवीं बार राज्य का बजट पेश करते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने सभी तबकों को बजट में राहत देने की कोशिश की है।

शिक्षा, कृषि व सड़क पर फोकस
बजट में मुख्य फोकस शिक्षा, कृषि व सड़क पर किया गया है। कृषि के लिए 2,176.75 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो पिछली बार से 81.40 प्रतिशत अधिक है। कृषि विवि को विकसित करने पर भी विशेष जोर दिया गया है। राज्य सरकार 2013-14 में भी तीन लाख रुपये तक के कृषि ऋण पर एक प्रतिशत ब्याज अनुदान जारी रखेगी। साथ ही किसान सलाहकारों का मासिक मानदेय भी दोगुना किया जायेगा।

सरकार ने अपनी प्राथमिकता में शिक्षा को सबसे ऊपर रखा है। इस पर 18,280.78 करोड़ रुपये खर्च किये जायेंगे। दूसरी प्राथमिकता सड़क होगी। सरकार ने अपने कर उगाही के स्रोतों को बढ़ाया है। सड़कों के लिये 7,208 करोड़ रूपयों का प्रावधान किया गया है। वहीं, स्वास्थ्य के क्षेत्र में 3,356 करोड़ रूपये खर्च का प्रावधान किया गया है। लेकिन इस राशि में कमिटेड लैबलिटी यानी वेतन जैसे खर्चे भी शामिल हैं। इस तरह योजना पर खर्च होने वाली राशि कम हो जाएगी।

महिलाओं के लिये विशेष योजना
बजट में महिलाओं के लिये विशेष योजना लाई गई है। उपमुख्यमंत्री के अनुसार महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देने के मकसद से अगर महिलाओं के नाम कमर्शियल वाहन खरीदे गये हों और उन्हें महिलाएं ही चला रही हों, तो वे गाड़ियां रोड टैक्स से मुक्त होंगी। इसके लिए चालक के नाम से ड्राइविंग लाइसेंस अनिवार्य होगा। महिला के पास ड्राइविंग लाइसेंस का होना जरूरी नहीं है बल्कि ऐसे वाहनों की चालक महिला ही होनी चाहिए।
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