बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार चाहते हैं कि भाजपा लोकसभा चुनाव से पहले प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के नाम का ऐलान करे। इस आशय की खबर रविवार को एक राष्ट्रीय हिंदी दैनिक में प्रकाशित हुई। इसके बाद मुख्यमंत्री सचिवालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि सीएम ने किसी अखबार को इस तरह का कोई बयान नहीं दिया।
राष्ट्रीय दैनिक में छपी खबर के अनुसार नीतीश कुमार ने कहा था कि आगामी लोकसभा चुनाव ठीक उसी तरह से लड़ा जाना चाहिए जैसा कि अटल बिहारी वाजपेयी के समय में हुआ था। तब अटल जी का नाम आगे रखकर राजग चुनाव मैदान में उतरा था।
रिपोर्ट के अनुसार कुमार ने कहा कि भाजपा को अपने पीएम पद के उम्मीदवार के नाम का ऐलान कर देना चाहिए। वैसे अखबार में खबर प्रकाशित होने के बाद रविवार को सीएम सचिवालय की ओर से बयान जारी कर कहा गया कि मुख्यमंत्री ने किसी भी हिंदी दैनिक से इस तरह की कोई बात नहीं कही।
यह दूसरा मौका है जब नीतीश कुमार ने खबर प्रकाशित होने के बाद बयान देने से इंकार किया है। इससे पहले पिछले साल 16 अगस्त को कुमार ने एक मैगजीन में छपी खबर से इंकार किया था। मैगजीन के अनुसार कुमार ने कहा था कि अगर भाजपा 2014 के लोकसभा चुनाव के गुजरात के सीएम नरेंद्र मोदी को पीएम पद का उम्मीदवार बनाती है तो वे राजग से नाता तोड़ लेंगे।
इस बीच, बिहार जद-यू अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा है कि प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के नाम का ऐलान कर चुनाव मैदान में उतरने से राजग को फायदा होगा। उन्होंने कहा कि इससे पहले वीपी सिंह और अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर चुनाव लड़ा जा चुका है और उससे कितना लाभ हुआ यह सभी को पता है। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव से पहले राजग के सभी घटक दलों से विचार-विमर्श कर पीएम पद के उम्मीदवार की घोषणा कर देनी चाहिए।
बड़े मोदी आएंगे तो जाएंगे ‘छोटे मोदी’
नरेंद्र मोदी पीएम पद का उम्मीदवार बनाए जाने को लेकर दिल्ली में भले ही शोर-शराबा मचा हो, लेकिन बिहार भाजपा ने खामोशी की चादर ओढ़ ली है। प्रदेश भाजपा इसे पार्टी हाईकमान के स्तर का मुद्दा बता रहा है।
वहीं, जद-यू ने साफ कर दिया है कि वह नरेंद्र मोदी को पीएम पद के उम्मीदवार के रूप में स्वीकार नहीं कर सकता। ऐसे में अगर केंद्र में नरेंद्र मोदी के आने की बात तय होती है तो बिहार के उप-मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी का सत्ता से बाहर जाना लगभग तय है।
पहले भाजपा नेता यशवंत सिन्हा ने जद-यू की दुखती रग को छुआ और अब मोदी को पीएम पद का उम्मीदवार बनाने की कवायद की खबरों ने गठबंधन के भविष्य पर सवाल खडे़ कर दिए हैं। ऐसे में अब गठबंधन का भविष्य भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह के रुख पर निर्भर है।