इंडियन-अमेरिकन मुस्लिम काउंसिल की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम में कथित तौर पर मानवाधिकारों को लेकर भारत की आलोचना करने के मामले में पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी घिर गए हैं। उनके बयान गुरुवार को सोशल मीडिया पर लगातार चर्चा का हिस्सा बने रहे। अब इसे लेकर भाजपा नेता शाहनवाज हुसैन ने अंसारी पर निशाना साधा है। बिहार सरकार में मंत्री हुसैन ने कहा कि अंसारी ने उपराष्ट्रपति रहते हुए भी कुछ ऐसे विवाद खड़े किए, जिन्हें लेकर देश उन्हें माफ नहीं कर सकता।
क्या बोले थे हामिद अंसारी?
बताया गया है कि अंसारी ने बुधवार को इंडियन-अमेरिकन मुस्लिम काउंसिल की ओर से आयोजित कार्यक्रम में अमेरिका के चार सांसदों के साथ भारत में मानवाधिकारों की मौजूदा स्थिति पर चिंता व्यक्त की थी। भारत से डिजिटल तरीके से इस चर्चा में भाग लेते हुए अंसारी ने हिंदू राष्ट्रवाद की बढ़ती प्रवृत्ति पर चिंता जाहिर की थी।
उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘हाल के वर्षों में हमने उन प्रवृत्तियों और प्रथाओं के उभरने का अनुभव किया है, जो नागरिक राष्ट्रवाद के पहले से स्थापित सिद्धांतों को लेकर विवाद खड़ा करती हैं और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की एक नई और काल्पनिक प्रवृति को बढ़ावा देती हैं। वह नागरिकों को उनके धर्म के आधार पर अलग करना चाहती हैं, असहिष्णुता को हवा देती हैं और अशांति एवं असुरक्षा को बढ़ावा देती हैं।’’
शाहनवाज हुसैन ने किया पलटवार
इसी पर पलटवार करते हुए शाहनवाज हुसैन ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि देश में रहने वाले मुस्लिमों के लिए भारत से अच्छा कोई दूसरा राष्ट्र नहीं हो सकता। मुस्लिमों के लिए न ही हिंदुओं से अच्छा कोई दोस्त और न ही नरेंद्र मोदी से अच्छा नेता हो सकता है।
शाहनवाज हुसैन ने हामिद अंसारी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें अमेरिकी संस्था के इस कार्यक्रम में हिस्सा ही नहीं लेना चाहिए था, क्योंकि यह संस्थाएं लगातार भारत-विरोधी प्रोपेगंडा फैलाती हैं। उन्होंने कहा, "उपराष्ट्रपति रहते हुए भी अंसारी ने ऐसे विवाद उठाए, जिनके लिए देश उन्हें माफ नहीं कर सकता।"
सरकार भी कर चुकी है अंसारी के बयान का खंडन
भारत सरकार ने जोर देकर कहा है कि भारत में सभी के अधिकारों की रक्षा के लिए सुस्थापित लोकतांत्रिक प्रथाएं और मजबूत संस्थान हैं। सरकार ने इस बात पर जोर दिया है कि भारतीय संविधान मानवाधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न कानूनों के तहत पर्याप्त सुरक्षा प्रदान करता है।