बिहार सरकार के पास भाजपा के पीएम पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी के लिए बुलेटप्रूफ एसयूवी नहीं है। गुजरात सरकार की एसयूवी गाड़ी की मांग को बिहार ने मानने से इनकार कर दिया है।
गुजरात सरकार ने बिहार से अनुरोध किया था कि मोदी को पटना में 'हुंकार रैली' के दौरान बुलेटप्रूफ एसयूवी उपलब्ध कराई जाए।
नरेंद्र मोदी 27 अक्तूबर को पटना में एक रैली को संबोधित करने वाले हैं। इस दौरान मोदी यहां तीन घंटे रुकेंगे। उनकी सुरक्षा के लिए मद्देनजर एसयूवी की मांग की गई।
गुजरात सरकार की मांग पर बिहार ने एसयूवी देने में असमर्थतता जताते हुए बुलेट प्रूफ एम्बेसडर कार उपलब्ध कराने की पेशकश की है। लेकिन गुजरात के पुलिस अधिकारियों ने एसयूवी को ही प्राथमिकता दी। असल में सुरक्षा के मामले में एसयूवी को एम्बेसडर से बेहतर माना जाता है।
बिहार के इनकार के पीछे कारण यह बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 28 और 29 अक्तूबर को जदयू के 'चिंतन शिविर' के लिए राजगीर के दो दिवसीय दौरे पर हैं। बिहार सरकार के पास केवल दो बुलेटप्रूफ एसयूवी हैं जो इस दौरे के काफिले में इस्तेमाल हो रही हैं।
इस सप्ताह दोनों राज्यों के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच फोन पर हुई बातचीत के दौरान गुजरात ने एसयूवी के लिए मौखिक अनुरोध किया था।
बिहार सरकार के इस रवैये को देखते हुए गुजरात ने रिमोट कंट्रोल विस्फोटक और बुलेटप्रूफ मंच को लेकर भी पूछताछ की थी। हालांकि बिहार ने इनकी उपलब्धता का संकेत दिया है।
रैली पर आयकर विभाग की नजर
भारतीय जनता पार्टी की बिहार रैली पर आयकर विभाग की भी नजर है। विभाग ने भाजपा को रैली पर होने वाले खर्चे के संबंध में नोटिस भेजा है। इसमें रैली के खर्चे और कॉन्ट्रैक्टर्स को होने वाले भुगतान की विस्तृत जानकारी मांगी गई है।
'हुंकार रैली' काफी बड़े स्तर पर आयोजित की जा रही है। इसे देखते हुए विभाग के एक अधिकारी के अनुसार रैली में लगने वाली लाइट, ट्रेन, बसें व अन्य वाहनों और प्रचार आदि के खर्चे की भी जानकारी मांगी है।