जर्दा एवं पान मसाले के उपयोग पर राज्य सरकार प्रतिबंध लगा सकती है। मिजोरम सरकार ने ऐसा किया है। मिजोरम में लिए गए फैसले के मद्देनजर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बिहार सहित सभी राज्यों को इस दिशा में आवश्यक कार्रवाई के लिए पत्र लिखा है।
मंत्रालय के विशेष सचिव केशव देसीराजू ने कहा है कि मिजोरम सरकार ने गुटखा के अलावा पान मसाला एवं जर्दा पर प्रतिबंध लगा दिया है। गुटखे पर तो बिहार सहित 16 राज्यों ने प्रतिबंध लगा दिया है। यह प्रतिबंध फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड एक्ट के तहत लगाया गया है।
इस एक्ट के अलावा इलाहाबाद हाइकोर्ट के आदेश एवं मिजोरम सरकार की पहल को देखते हुए अन्य राज्यों को भी जर्दा और पान मसाले पर प्रतिबंध के लिए पहल करनी चाहिए। देसीराजू ने कहा है कि तंबाकू के सेवन से मुंह का कैंसर होता है। विश्व में सबसे अधिक मुंह के कैंसर के केस अपने देश में ही पाए जा रहे हैं।
ग्लोबल एडल्ट टोबैको सर्वे के मुताबिक देश में 206 मिलियन लोग तंबाकू का इस्तेमाल किसी न किसी रूप में करते हैं। उन्होंने कहा कि इलाहाबाद हाइकोर्ट ने चबाने वाले तंबाकू जर्दा को भी खाद्य पदार्थ माना है। ऐसे में फूड सेफ्टी स्टैंडर्ड एक्ट के तहत इस पर पाबंदी लगाई जा सकती है।