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Bihar: भाजपा सरकार ने इंदिरा गांधी के बेटे का नाम कहां-कहां से हटाया? CM सम्राट चौधरी का फैसला चर्चा में

Thu, 30 Apr 2026 01:13 PM IST
Aditya Anand न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

Bihar News : बिहार में पहली बार भाजपाई मुख्यमंत्री बनने के 15 दिनों के अंदर कई अहम फैसले हुए हैं। एक बड़ा फैसला चर्चा में है। सम्राट चौधरी सरकार ने भूतपूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के बेटे संजय गांधी का नाम कई जगह से गायब कर दिया है।
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कैबिनेट की बैठक में सीएम सम्राट चौधरी ने लिया फैसला। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपनी दूसरी कैबिनेट में एक ऐसे प्रस्ताव पर अपनी स्वीकृति दी, जो आज चर्चा में है। सोशल मीडिया पर यह मामला अब खूब वायरल हो रहा है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार ने बिहार के तीन संस्थाओं से पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के बेटे और कांग्रेस के नेता संजय गांधी का नाम हटाने का फैसला लिया है। इनमें संजय गांधी जैविक उद्यान, संजय गांधी जैविक उद्यान प्रबंधन समिति, संजय गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ डेयरी टेक्नोलॉजी शामिल है। इनका नाम क्रमशः पटना जू, पटना जू प्रबंधन एवं विकास सोसाइटी और बिहार स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ डेयरी टेक्नोलॉजी कर दिया गया है। मंत्रिमंडल सचिवालय के अपर मुख्य सचिव अरविंद चौधरी ने बताया कि राज्य सरकार ने इस संस्थानों का नाम बदलने का फैसला लिया है। कैबिनेट की बैठक में सीएम सम्राट चौधरी ने इस  पर स्वीकृति दे दी।

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1973 में बना था संजय गांधी जैविक उद्यान
पटना जू बिहार का एक प्रमुख वन्यजीव केंद्र है। यह उद्यान वर्ष 1973 में स्थापित किया गया था। हालांकि इसकी की नींव 1969 में पड़ चुकी थी। उस वक्त बिहार के तत्कालीन राज्यपाल नित्यानंद कानूनगो ने राजभवन की 34 एकड़ जमीन जैविक उद्यान बनाने के नाम पर दान में दी थी। बाद में बिहार सरकार ने करीब 120 एकड़ जमीन को इसमें जोड़ा। तब जाकर इस जैविक उद्यान का निर्माण हुआ। उस वक्त बिहार में कांग्रेस की सरकार थी। इसलिए इसका नाम पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के पुत्र संजय गांधी के नाम पर रखा गया था। इस जैविक उद्यान में करीब 800 से अधिक जानवर पाए जाते हैं, जिनमें लगभग 70 प्रजातियों के जीव शामिल हैं। यहां विभिन्न प्रकार के स्तनधारी, पक्षी, सरीसृप और जलीय जीव संरक्षित किए जाते हैं। हालांकि, आम बोलचाल में लोग इसे शुरुआत से ही पटना जू या चिड़ियाघर ही कहते थे। अब सरकार ने पटना जू के नाम को ही कागज पर लाने का आदेश दे दिया है।  

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1980 में हुई थी संजय गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ डेयरी टेक्नोलॉजी की स्थापना
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बिहार पशु चिकित्सा विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित संजय गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ डेयरी टेक्नोलॉजी, पटना की स्थापना वर्ष 1980 में हुई थी। उस समय की राज्य सरकार के डेयरी विकास प्रयासों के तहत शुरू किया गया था। बिहार में कांग्रेस की सरकार होने के कारण इसका नाम भी दिवंगत कांग्रेसी संजय गांधी के नाम पर रखा गया। अब सम्राट चौधरी सरकार ने इसका नाम बदल कर बिहार स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ डेयरी टेक्नोलॉजी कर दिया है। इसकी भी चर्चा खूब हो रही है।  यहां मुख्य रूप से डेयरी टेक्नोलॉजी, डेयरी इंजीनियरिंग, डेयरी केमिस्ट्री, डेयरी माइक्रोबायोलॉजी, दूध एवं दुग्ध उत्पाद प्रसंस्करण, गुणवत्ता नियंत्रण और डेयरी प्रबंधन जैसे विषयों की पढ़ाई कराई जाती है। 

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