मौसम विभाग ने बिहार के अररिया और पूर्णिया जिले में अत्यंत भारी बारिश की संभावना जताई है। विभाग ने इन दोनों जिलों में बारिश रेड अलर्ट जारी किया है। वहीं किशनगंज, सुपौल मधेपुरा, सहरसा और कटिहार जिले में एक या दो स्थानों पर अति भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इन पांचों जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा मौसम विभाग ने बिहार के उत्तरी भाग में स्थित जिलों में वज्रपात और मेघगर्जन का येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने इन इलाके में रहने वालों से घर से नहीं निकलने की अपील की है।
पटना और भागलपुर में गंगा का जलस्तर खतरे का निशान अब पार करेगा
इधर, लगातार बारिश में पटना और भागलपुर में गंगा नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। जिला प्रशासन की ओर से कहा गया है कि गंगा नदी में विगत कुछ दिनों से हो रहे जल श्राव मे वृद्धि के कारण 09 अगस्त से गांधीघाट, 10 अगस्त से हाथीदह 11 अगस्त से से कहलगांव और 12 अगस्त से भागलपुर के गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर जाने की सम्भावना है। इसलिए इस इलाके में ऑरेंज अलर्ट जारी किया जा रहा है।
25 जिले के अधिकांश भागों में बारिश के आसार
मौसम विभाग ने पटना समते लगभग पूरे बिहार में 8 अगस्त से 14 अगस्त तक बारिश होने की संभावना जताई है। 8 और 9 अगस्त को बिहार के 25 जिले के अधिकांश भागों में बारिश के आसार हैं। बक्सर, भोजपुर, रोहतास, भभुआ, औरंगाबाद, अरवल, पटना, गया, नालंदा, शेखपुरा, नवादा, बेगूसराय, लखीसराय और जहानाबाद के अनेक स्थानों पर बारिश के आसार जताए गए हैं। पटना के मौसम की बात करें तो आज कुछ इलाकों में रुक-रुक कर बारिश हो रही है। लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत जरूर मिली है लेकिन कई इलाके में जलजमाव से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा रहा है।
इन 19 जिलों में अनेक स्थानों पर बारिश
पश्चिम और पूर्व चंपारण, सीवान, सारण, गोपालगंज, सीतामढ़ी, मधुबनी, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, वैशाली, शिवहर, समस्तीपुर, भागलपुर, बांका, मुंगेर, खगड़िया, जमुई, पूर्णिया, अररिया, किशनगंज, कटिहार, सहरसा, मधेपुरा और सुपौल जिले के अधिकांश स्थानों पर बारिश के आसार हैं।
मौसम विभाग की यह अपील भी जरूर पढ़ लें
- खराब मौसम के दौरान अपने पशुधन और खुद को बाहर निकलने से बचें।
- मौसम साफ होने पर अपने काम संपादित करे।
- आंधी के दौरान संवेदनशील संरचनाओं से दूर रहें।
- मेघगर्जन के दौरान पेड़-पौधे के नीचे शरण न लें।
- ओलावृष्टि के समय सुरक्षित स्थान पर जाकर बैठ जाएं।