तालाब पर बना काफी पुराना है यह मंदिर
स्थानीय लोगों ने बताया कि यह गौरैया स्थान है। जो काफी पुराना है। इस स्थान पर पुराना तालाब हुआ करता था। जो कालांतर में विलुप्त होने लगा है। यही पर स्थानीय लोगों के सहयोग से एक शिव मंदिर का निर्माण कराया गया था। मंदिर निर्माण के लिए तालाब के हिस्से पर पिलर दिया गया। इसके बाद शिवलिंग की स्थापना की गई थी। आसपास के लोगों के अलावा दूर दराज के लोग भी श्रद्धा भाव से गौरैया स्थान मंदिर में पूजा अर्चना करने आते हैं। पास बने शिव मंदिर में नित्य दिन पूजा पाठ भी लोग करने आते हैं।
कुछ लोग इसे ईश्वरीय कोप बता रहे हैं, तो कोई भगवान की लीला
यहां लगी भीड़ में रहे लोग इस घटना को किसी ईश्वरीय प्रकोप बता रहे थे तो कई लोग भगवान की लीला कह रहे थे। लोग कहते सुने गए कि यह मंदिर काफी पुराना है और लोगों की आस्था इस मंदिर से जुड़ी हुई है। अब जबकि शिवलिंग तालाब के अंदर जा गिरा है तो इसे ढूंढ कर निकालने की कवायद में लोग जुट गए हैं। यहां मौजूद लोगों द्वारा जितनी मुंह उतनी बातें की जाने लगी है।
इग्नू भवन भी क्षतिग्रस्त।
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इग्नू विभाग का भवन भी क्षतिग्रस्त हुआ
मेघ गर्जन के साथ बारिश के कारण मंदिर ही नहीं गया काॅलेज के इग्नू विभाग का भवन भी क्षतिग्रस्त हुआ है। सोमवार दोपहर हुई तेज बारिश के कारण इग्नू विभाग के भवन का छज्जा अचानक गिर पड़ा। हालांकि इस घटना में उस वक्त एक भी छात्र नहीं थे। जिसके कारण एक बड़ी घटना होने से बच गया। फिलहाल उक्त घटना में तीन बाइक पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।