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Bihar Weather News : कब तक बिहार में शीतलहर से खतरा, जानिए, धूप क्यों नहीं आ रही; मौसम का पूर्वानुमान पढ़ें

Fri, 19 Jan 2024 10:32 AM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

पिछले 24 घंटे में पटना समेत 21 शहरों के अधिकतम तापमान में गिरावट आई है। इससे दिन में लोगों को कड़ाके की ठंड का एहसास हो रहा है। पिछले 24 घंटे के दौरान सबसे ठंडा जिला 7 डिग्री सेल्सियस के साथ अररिया रहा। वहीं पटना का न्यूनतम तापमान 10.4 डिग्री सेल्सियस रहा। 
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बिहार के कई इलाकों में सुबह में घना कोहरा देखने को मिला (फाइल फोटो) - फोटो : सोशल मीडिया।
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विस्तार
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बिहार में ठंड से राहत नहीं मिलने वाली है। मौसम विभाग ने ठंड को लेकर अलर्ट जारी किया है। कहा गया है कि 19 जनवरी यानी शुक्रवार से ठंड और तेजी से बढ़ेगी। 19 जनवरी से तेजी से पछुआ और उत्तरी सर्द हवा चलेगी, जिससे ठंड में और तेजी से बढ़ोतरी होगी। इस समय दिन और रात मे बहुत सर्द हवा चल रही हैं। न्यूनतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक गिरावट हो सकती है। 26 जनवरी के आसपास शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ बनने की आशंका है। इस कारण 26 से 27 जनवरी के बीच बिहार के कई जिलों में बारिश के आसार  हैं। मौसम विभाग ने बारिश के साथ कोल्ड डे का अलर्ट जारी किया है। ठंड लगातार बढ़ती जा रही है। 

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सबसे ठंड जिला अररिया रहा
पिछले 24 घंटे में पटना समेत 21 शहरों के अधिकतम तापमान में गिरावट आई है। इससे दिन में लोगों को कड़ाके की ठंड का एहसास हो रहा है। पिछले 24 घंटे के दौरान सबसे ठंडा जिला 7 डिग्री सेल्सियस के साथ अररिया रहा। वहीं पटना का न्यूनतम तापमान 10.4 डिग्री सेल्सियस और अधिकतक तापमान 13.7 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। मौसम वैज्ञानिक डॉ एसएन पांडेय ने बताया कि अभी जेट स्ट्रीम (पृथ्वी की ऊपरी सतह पर चलने वाली तेज हवाएं) हवाओं से 20 जनवरी तक ठंड का असर बना रहेगा। राज्य में वर्ष 2018 के बाद लगातार कोल्ड डे की स्थिति बन रही है। इसकी एक मजबूत परत सतह से एक से दो किलोमीटर ऊपर छायी हुई है ।कोहरे में धूल के कण भी समाहित हैं। इसकी वजह से धूप धरातल पर नहीं आ पा रही है। लिहाजा पारा समान्य से काफी नीचे चले आने से कोल्ड डे की स्थिति राज्य के अधिकांश क्षेत्रों में बन रही है। सामान्य तौर पर दिसंबर से जनवरी तक पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से शीतकालीन बारिश हो जाती थी। इसकी वजह से आसमान साफ हो जाता था। इस बार ऐसा नहीं देखा जा रहा है। इसके परिणाम स्वरुप अगले तीन दिनों तक बिहार राज्य के एक या दो स्थानों में शीत दिवस एवं कोहरा रहने का पूर्वानुमान है।

ऐसे मौसम में शरीर के अंदर आर्टरी (धमनियों) में सिकुड़न आती है
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) पटना के कार्डियक सर्जरी विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. संजीव कुमार "इस मौसम में ज्यादातर लोगों को ठंड लगती है। कई बार छोटे लक्षण दिखकर फिर ठीक हो जाती है स्थिति तो कई बार अंदर-अंदर ज्यादा कुछ हो जाता है। दरअसल, ऐसे मौसम में शरीर के अंदर आर्टरी (धमनियों) में सिकुड़न आती है। यही सिकुड़न हार्ट की आर्टरी में भी होती है। इस सिकुड़न के कारण ब्लड को आर्टरी से होकर गुजरने में ज्यादा ताकत लगानी पड़ती है। यही ताकत लगाए जाने के कारण ब्लड प्रेशर बढ़ता है। इसके साथ एक संकट यह भी होता है कि ताकत लगाकर भी आर्टरी में रक्त कम मात्रा में जाता है। इसी क्रम में कई बार टिश्यूज में ब्लड कम जाता है, जिससे हार्ट अटैक की आशंका बढ़ती है। 
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डायबिटीज रोगी या 60+ वाले लोग एक्सपोजर से विशेष तौर पर बचें
घर के बड़े अक्सर कहते हैं- ठीक से पहन-ओढ़ कर बाहर निकलो। यह गलत नहीं। इस मौसम में तो खासकर। डॉ. संजीव कहते हैं- "कोल्ड स्ट्रोक का मौसम है, इसलिए शरीर को बाहरी तापमान में अचानक परिवर्तन झेलने के लिए विवश नहीं करना चाहिए। जैसे बिल्कुल बंद में हैं तो थोड़ा सामान्य होते हुए बाहर जाएं। मतलब, अचानक बाहर मत जाएं। बाहर निकलना है तो गर्म कपड़ा ठीक से पहनें। गला ढंक कर रखें। पूरा गर्म कपड़ा कभी भी एक बार में नहीं उतारें। सुबह उठते ही या गर्म कपड़ा तुरंत उतारकर नहाने न जाएं। पहले से बीपी है तो दवा लेते रहें। नहीं है तो भी आसामान्य लगने पर जांच कराते रहें। कई बार जाड़ा में बीपी की दवा की मात्रा बढ़ जाती है, इसलिए इसे नजरअंदाज नहीं करें। डायबिटीज रोगी या 60+ वाले लोग एक्सपोजर से विशेष तौर पर बचें।"

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